Shani Upay: शनि देव के प्रकोप से बचाएंगे ये आसान उपाय, कष्टों से मिलेगी मुक्ति

Shani Upay: शनि देव के प्रकोप से बचाएंगे ये आसान उपाय, कष्टों से मिलेगी मुक्ति

Shani Upay: शनि देव को क्रूर देवता कहा जाता है। शनि देव सूर्य के पुत्र हैं। शनि देव कर्मों के अनुसार अच्छा या बुरा फल देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की साडेसाती या ढैया हो तो उसके जीवन में कई प्रकार की तमाम परेशानियां आती हैं। शनि देव की कृपा से व्यक्ति का जीवन बहुत अच्छा बन सकता है। वहीं अगर शनि देव की टेड़ी नजर किसी व्यक्ति पर पड़ गई तो उसका जीवन बर्बाद भी हो सकता है। ऐसे में शनि देव की टेड़ी नजर से बचने के लिए आज हम आपको इस लेख के द्वारा कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं जिनको शनिवार के दिन करने से शनि देव के प्रकोप से बचा जा सकता है, तो चलिए जानते हैं।

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए क्या करें?

घोड़े की नाल

घोड़े की नाल से करें यह उपाय। घोड़े की नाल को सबसे पहले सरसों के तेल से अच्छी तरह धो लें। फिर शनिवार के दिन शाम को अपने घर की में गेट पर उसे लगा दें। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों पर शनि देव की कृपा बनी रहती है। परिवार में हो रहे लड़ाई, झगड़े क्लेश भी मिट जाते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखना है कि उसी नाल का उपयोग करना है जो पहले घोड़े के पैर में लग चुकी हो। खरीदी हुई, नई नाल का प्रभाव ज्यादा नहीं होगा।

पीपल का पेड़

पीपल के पेड़ को शनि देव का प्रतीक माना गया है। संतान सुख की प्राप्ति के लिए पीपल के पेड़ का उपयोग बहुत लाभकारी होता है। संतान होने में बाधा आ रही है तो पीपल का पौधा लगाना चाहिए। प्रत्येक शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए और पेड़ की 21 बार परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करने से संतान सुख की प्राप्ति हो होती है, और जीवन में आ रहे तमाम कष्ट दूर हो जाते हैं।

लोहे का छल्ला

शनि देव के प्रकोप को कम करने के लिए लोहे का छल्ला एक बहुत अच्छा उपाय है। अगर यह छल्ला घोड़े की नाल या नाव कि कील से बना हो तो और भी ज्यादा लाभ देता है। शनिवार के दिन सरसों के तेल में छल्ला रख दें। फिर उसे पानी से धोकर दाहिने हाथ की मध्यम उंगली में पहन लें।

धतूरे की जड़

शनि देव की कृपा पाने के लिए धतूरे की जड़ का उपाय बताया गया है। धतूरे की जड़ को गले या फिर हाथ में बांधना चाहिए। ऐसा करने से शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धतूरे की जड़ को शनिवार के दिन शनि होरा या शनि के नक्षत्र में धारण करना अच्छा माना जाता है।

(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।)

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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