बसंत पंचमी पर छात्र करें ये 6 खास उपाय, बुद्धि होगी तेज, परीक्षा में मिलेगी सफलता, प्रसन्न होंगी माँ सरस्वती 

2 फरवरी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन कुछ विशेष उपायों को करने से छात्रों को लाभ होगा। सफलता के योग बनते हैं। ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति होती है। 
Basant Panchami 2025

हिंदू धर्म में बसंत पंचमी का विशेष महत्व होता है। इस दिन कला और विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। इस साल बसंत पंचमी 2 फरवरी (Basant Panchami 2025 ) को मनाई जाएगी। कई शुभ संयोग भी बन रहे हैं। माघ मास शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि की शुरुआत 2 फरवरी सुबह 9:14 बजे होगी। इसका समापन 3 फरवरी सुबह 6:52 बजे होगा।

बसंत पंचमी के दिन छात्रों के लिए कुछ उपायों को करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से सफलता के योग बनते हैं। बुद्धि तेज होती है। पढ़ाई में मन लगता है। जीवन में सुख समृद्धि की प्राप्ति भी होती है। आइए जानें इस दिन छात्रों को क्या-क्या करना चाहिए?

इन मंत्र और श्लोकों का जाप करें

बसंत पंचमी के दिन छात्रों “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का जाप 108 बार करें। ऐसा करने से बुद्धि और एगाग्रता का आशीर्वाद प्राप्त होगा। सरस्वती पूजा के दिन छात्र “या कुंदेदुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणा वरदंडमदितकरा या श्वेतपद्मासना” श्लोक का पाठ जरूर करें। ऐसा करने से मां सरस्वती प्रसन्न होती है। परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त होते हैं।

इन उपायों को भी आजमाएं 

  • इस दिन छात्रों को सफेद या पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए।
  • इस दिन माता सरस्वती की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। पीले या सफेद फूल और भोग अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से सफलता के प्रबल योग बनते हैं। मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
  • सरस्वती पूजा के दिन छात्रों को मां सरस्वती के चरणों में किताब, कॉपी, कलम इत्यादि चीजों को अर्पित करना चाहिए। सफलता के योग बनते हैं।
  • बसंत पंचमी के दिन छात्रों को जरूरतमंदों के बीच किताब या स्टेशनरी समाग्री का दान करना चाहिए।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो पंचांग, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews