Gem Astrology: शुक्र ग्रह के अशुभ परिणामों से छुटकारा दिलाएंगे ये रत्न, ऐसे करें धारण

Ratna Shastra

Gem Astrology: ग्रह नक्षत्र की चाल का व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। कुंडली में अगर ग्रहों का मिलन शुभ साबित होता है तो व्यक्ति का जीवन राजा के समान हो जाता है। वहीं अगर विपरीत ग्रहों की दृष्टि व्यक्ति की कुंडली पर पड़ जाए तो रातों-रात वह सफलता के शिखर से जमीन पर आ गिरता है। नवग्रह किसी भी व्यक्ति के कुंडली में विराजित होकर उसका भविष्य तय करते हैं।

व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर ही उसे बुद्धि, विद्या, धन, ऐश्वर्य और बल की प्राप्ति होती है। धन, संपदा और ऐश्वर्य की दृष्टि से देखा जाए तो इसका कारक शुक्र ग्रह को माना जाता है। ज्योतिष में अक्सर शुक्र ग्रह की शांति के लिए पूजन-पाठ और रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है। अगर आप भी अपनी कुंडली में शुक्र ग्रह की कमजोरी स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो आपको कुछ रत्न धारण करने चाहिए जो इसे मजबूत बनाएंगे और जीवन की परेशानियों को समाप्त करेंगे।

शुक्र को बनाएं मजबूत

शुक्र ग्रह को मजबूत बनाने के लिए हीरा रत्न सबसे कारगर माना जाता है। हालांकि, हर राशि के जातक हर तरह का रत्न धारण नहीं कर सकते हैं। अगर वृषभ और तुला राशि के जातक हीरा धारण करें तो यह उनके लिए लाभकारी होता है, क्योंकि यह दोनों ही शुक्र की राशियां है, जिसके चलते इन्हें जल्दी अच्छे परिणाम मिलते हैं। इसके अलावा व्यक्ति अपने घर में शुक्र यंत्र की पूजा करके भी परेशानियों का समाधान पा सकता है। इसके लिए आपको शुक्र के नक्षत्र के समय ही हीरा धारण करना होगा और इस यंत्र को स्थापित भी इसी समय में किया जाता है।

हीरे के अलावा 6 या 13 मुखी रुद्राक्ष भी शुक्र ग्रह की शांति के लिए लाभदायक माना गया है। आप जो भी रुद्राक्ष पहनना चाहते हैं उसे अपने घर पर लाकर पंचामृत से उसकी शुद्धि कर शुक्र मंत्र से उसे सिद्ध करें और धारण कर लें। देखते ही देखते शुक्र ग्रह की कमजोर स्थिति के चलते जीवन पर पड़ रहे प्रभाव बदलने लगेंगे और अच्छे फलों की प्राप्ति होगी।

माता लक्ष्मी की आराधना

इसके अलावा अगर आप शुक्र ग्रह से शांति चाहते हैं और यह चाहते हैं कि इस ग्रह से आपको शुभ परिणाम मिले तो आपको देवी लक्ष्मी की आराधना करनी चाहिए। देवी लक्ष्मी को शुक्र ग्रह की अधिष्ठात्री कहा जाता है क्योंकि व्यक्ति के जीवन में सुख, संपत्ति और ऐश्वर्य वही प्रदान करती हैं। अगर शुक्रवार के दिन देवी लक्ष्मी की पूजन अर्चन विधि विधान से की जाए तो वह प्रसन्न होती हैं और शुक्र के दुष्ट प्रभावों को दूर कर अच्छे परिणाम देती हैं।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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