Kua Number: जन्म का साल बताता है कैसा है आपका भविष्य, कुआ नंबर से जानें सब कुछ

Kua Number

Kua Number Of Fengshui: ज्योतिष एक ऐसी विद्या है जो कई भागों में विभाजित है। इसमें राशि ज्योतिष से लेकर अंक ज्योतिष, नाम ज्योतिष समेत कई तरह के अलग अलग शास्त्र है। फेंगशुई भी एक ऐसी विद्या है जो व्यक्ति के जीवन के बारे में कई तरह के खुलासे करती है। फेंगशुई सारी अवधारणाओं पर काम करता है। इनमें से एक कुआ नंबर भी है। चलिए आज आपको इस बारे में बताते हैं।

क्या है कुआ नंबर

फेंगशुई में जिस कुआ नंबर का जिक्र दिया गया है। वह हमारे जीवन के बारे में बहुत सी बातों का खुलासा करता है। कुआं नंबर जन्म तिथि के अंकों से निकाला जाता है। इस अंक की गणना से हमें हमारे जीवन के शुभ रंगों और दिशा का ज्ञान होता है। कुआ नंबर के मुताबिक अगर हम सही दिशा और रंग का चुनाव करते हैं तो हमें जीवन में शुभ परिणाम की प्राप्ति होती है। ये नंबर हमें नकारात्मक दिशा और रंग की जानकारी भी देते हैं। इन रंगों के मुताबिक अगर जीवन जिया जाए तो सब कुछ अच्छा होने लगता है।

ऐसे होते हैं Kua Number

ये नंबर मुख्य रूप से पूर्व और पश्चिम दो भागों में विभाजित है। 1,3,4,9 ईस्ट ग्रुप कहलाता है। वहीं 2,5,6,7,8 वेस्ट ग्रुप कहलाता है। इन्हीं को देखते हुए रंग और दिशा की गणना की जाती है।

ऐसे निकाला जाता है कुआ नंबर

किसी व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी निकालनी हो तो उसके लिए कुआ नंबर से गणना की जा सकती है। कुआ नंबर निकालने के लिए व्यक्ति के जन्म वर्ष के आखिरी दो नंबरों का जोड़ लगाया जाता है। चलिए आपको कुआ नंबर निकालने का तरीका बताते हैं। ये गणना किसी भी साल की 4 फरवरी के बाद जन्म लेने वाले लोगों के लिए है। ऐसा इसलिए क्योंकि फेंगशुई चीनी कैलेंडर पर काम करता है जिसकी शुरुआत फरवरी से बताई जाती है।

साल 2000 से पहले जन्में पुरुषों की गणना

अगर किसी व्यक्ति का जन्म साल 1976 में हुआ है तो उसके जन्म वर्ष के आखिरी दो अंक यानि 7 और 6 को जोड़ा जाएगा।

अगर इन अंकों को जोड़ने के बाद दो अंक का उत्तर आता है तो उसे एकल अंक में परिवर्तित करना होता है।

जब इन दो अंकों 7+6 का जोड़ 13 होता है। इसलिए 1+3 को जोड़ कर अंक 4 प्राप्त होगा।

अब प्राप्त हुए अंक को 10 में से घटाना होगा। 10-4 को घटाने पर उत्तर 6 प्राप्त होगा। यही व्यक्ति का कुआ नंबर कहलाएगा।

2000 से पूर्व जन्मी महिलाओं की गणना

फेंगशुई की इस अवधारणा में महिलाओं के कुआ नंबर की गणना अलग तरीके से की जाती है। पुरुषों का नंबर जहां 10 से घटाया जाता है तो महिलाओं में इस अंक की गणना बढ़ते क्रम में होती है। चलिए जानते हैं।

अगर किसी महिला का जन्म 1978 में हुआ है तो उसके जन्म वर्ष के अंतिम दो अंकों को जोड़कर एक अंक निकाला जाएगा। यानी 7 और 8 को जोड़ा जाएगा।

जब 7+8 करेंगे तो उत्तर 15 प्राप्त होगा। अब 1+5 को जोड़कर एकल अंक निकाला जाएगा। जो 6 आएगा।

अब जिस तरह से पुरुषों के जन्म वर्ष के अंक को 10 से आया जाता है उसे तरह से महिलाओं के अंक में पांच को जोड़ा जाता है।

10+5 करने पर उत्तर 11 प्राप्त होगा। इसे एकल अंक में परिवर्तित करने पर 1+1= 2 प्राप्त होगा। जो कुआ नंबर कहलाएगा।

वर्ष 2000 के बाद की गणना

इस तरह से जिन पुरुषों का जन्म साल 2000 के बाद हुआ है उनके जन्म वर्ष के अंक से एक को घटाया जाता है। वहीं महिलाओं के जन्म वर्ष में एक को जोड़ा जाता है। बाकी की प्रक्रिया पूर्वानुसार रहती है।

पुरुष के लिए गणना

साल 2023
2+3= 5
10-5= 5
5-1= 4
यही व्यक्ति का कुआ नंबर है।

महिलाओं की गणना

साल 2023
2+3= 5
5+5= 10
10+1= 11
अब इस अंक को एकल करेंगे
1+1= 2
यही कुआ नंबर कहलाएगा।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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