‘सात करोड़ खर्च कर विधायक बना हूं, घास छीलने नहीं’, बीजेपी MLA का कथित ऑडियो वायरल

‘सात करोड़ खर्च कर विधायक बना हूं, घास छीलने नहीं’, बीजेपी MLA का कथित ऑडियो वायरल

सिवनी, डेस्क रिपोर्ट
मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों वायरल हो रहे ऑडियो से सियासत गरमाई हुई है| अब सिवनी जिले के केवलारी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक राकेश पाल का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है| जिसमे वो कह रहे हैं कि 7 करोड रुपए खर्च करके विधायक बना हू | एक थाने के टीआई को हटवाने के सम्बन्ध में किसी पुलिस अधिकारी से फ़ोन पर यह बातचीत की गई है, जिसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है| एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करती है|

वायरल हो रहे कथित ऑडियो में विधायक राकेश पाल पुलिस के उच्च अधिकारी से बात कर रहे हैं| जिसमें वो जिले के लखनादौन थाने में पदस्थ टीआई नवीन जैन को हटवाने की बात कर रहे हैं| वो बता रहे हैं कि टीआई नवीन जैन गोकशी के मामले में संलिप्त है और उसकी ससुराल में जुआ सट्टा का धंधा है, यह अराजक आदमी है|

सात करोड़ रुपए खर्च विधायक बना हूँ
ऑडियो में कहा जा रहा है कि अध्यक्ष जी नए नए अध्यक्ष बने हैं, मेने उन्हें बिठा कर समझा भी दिया है कि हम घांस छीलने के लिए जनप्रतिधि नहीं बने हैं, सात करोड़ रुपए खर्च किये हैं तब मैं केवलारी विधानसभा का विधायक बना हु| में जो चाहूंगा मेरी विधानसभा में वही होगा| ज्यादा इंटरफेयर करोगे तो वीडी शर्मा और संगठन मंत्री को शिकायत कर दूंगा| साहब आपको नवीन को हटाना पड़ेगा|

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करती है|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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