Shahdol: एक्शन में मोहन सरकार, ASI के हत्यारों पर प्रकरण दर्ज

शहडोल से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां पर रेत का अवैध परिवहन कर रहे एक ट्रैक्टर ने एएसआई को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक शहडोल जिले के ब्यौहारी थाने में पदस्थ एएसआई महेंद्र बागरी शनिवार रविवार की दरमियानी रात एक फरार वारंटी को पकड़ने के लिए बडौली गांव पहुंचे थे, जहां पर उनके साथ हादसा हुआ।
Shahdol

Shahdol News: शहडोल जिले में रेत का अवैध परिवहन कर रहे ट्रैक्टर ने रोके जाने पर ब्यौहारी थाने में पदस्थ ASI महेंद्र बागरी को बेरहमी से कुचल दिया। इस हादसे के बाद बागरी की मौके पर ही मौत हो गई। एएसआई की मौत के बाद पूरे प्रदेश में इस बात की चर्चा हो रही थी। इस बीच मोहन सरकार का एक्शन नजर आया है। सरकार ने एएसआई के हथियारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर दिया है।

— MP Breaking News (@mpbreakingnews) May 5, 2024

दरअसल बागरी रविवार की रात करीब एक बजे वारंटी आरोपी को पकड़ने के इरादे से बडौली गांव गए थे। इस दौरान उन्हें रेत का अवैध परिवहन करता हुआ एक ट्रैक्टर दिखा जिसे जब उन्होंने रोका तो ड्राइवर चलते ट्रैक्टर को बागरी की तरफ करके कूद गया और ट्रैक्टर के नीचे ASI बागरी आ गए, जिसके बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

Shahdol

जीतू पटवारी का सरकार पर निशाना

अब इस हादसे को लेकर कांग्रेस मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा है। इतना ही नहीं उन्होंने उनके ऊपर कराई जा रही एफआईआर का हवाला देकर सरकार से माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।

पटवारी ने X (पहले ट्विटर) पर किए अपने इस पोस्ट में लिखा कि “राजनीतिक दुर्भावना से FIR करवाने जैसा शौक यदि माफिया के खिलाफ भी हो जाए, तो कुछ हद तक तो ऐसी हत्याएं रोकी जा सकती हैं!”, इतना ही नहीं उन्होंने सीएम मोहन यादव पर भी इस हादसे को लेकर घेरा है। उन्होंने लिखा कि “शर्म इस बात की है कि गृहमंत्री के रूप में अब आपको शर्म भी नहीं आ रही है! पद पर बने रहने का आपका यह शौक, बेकसूर परिवारों को कब तक शोक में डूबने के लिए मजबूर करेगा?”

पहले भी हो चुके हैं मामले

हालांकि, यह रेत परिवहन से मौत का कोई पहला मामला नहीं है, अभी कुछ दिन पहले ही डबरा तहसील के पिछोर इलाके में अवैध रेत का परिवहन कर रहे डंपर ने एक महिला को बेरहमी के साथ कुचल दिया था। हालात यह थे कि महिला के अवशेषों को उठाने तक के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी थी। बावजूद इसके शासन प्रशासन इन अवैध मौत के औजारों पर लगाम लगाने में विफल सा नजर आ रहा है।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews