मध्यप्रदेश के शहडोल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं। एक महिला का तेज पेट दर्द होने के कारण वह इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहनगर पहुंची लेकिन ऐसा आरोप है कि मौजूद डॉक्टरों ने महिला का इलाज करने से साफ इनकार कर दिया।
महिला का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में जब डॉक्टरों ने इलाज करने से मना किया तो उसने इसका विरोध किया। लेकिन उस दौरान उसके साथ अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी भी दी गई। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर और आईजी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, शहर के वार्ड नंबर 01 जयसिंहनगर निवासी संध्या तिवारी को बहुत तेज पेट में दर्द उठा था। जिसके बाद वह तत्काल ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँची थीं। समय कम होने के कारण उसकी पर्ची भी नहीं कट पाई थी। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने ड्यूटी का समय खत्म होने का कहकर महिला का इलाज करने से मना कर दिया।
डॉक्टरों पर दुर्व्यवहार कर भगाने का आरोप
आरोप है कि जब महिला ने अपनी पीड़ा बताते हुये डॉक्टर से इलाज की गुहार लगाई तो डॉक्टरों ने उसके साथ दुर्व्यवहार करके वहां से भगा दिया। जब इस मामले की शिकायत महिला ने 181 और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से की तो डॉक्टरों ने उसे धमकाना शुरू कर दिया।
ऐसा आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारी नवीन मिश्रा ने न्यायालय परिसर के भीतर बिना अनुमति के पीड़िता का वीडियो बनाया और उसे वायरल कर दिया। आरोप है कि वायरल वीडियो में अभद्र टिप्पणियां भी की गईं। इस मामले में पीड़िता ने जयसिंहनगर थाने में एनसीआर दर्ज कराने के बाद पुलिस अधीक्षक को एक विस्तृत आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
मामले में BMO डॉ. आनंद की प्रतिक्रिया
हालांकि इस मामले में जयसिंहनगर BMO डॉ. आनंद की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। डॉ. आनंद ने कहा कि एक महिला ने आरोप लगाया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने उनका इलाज नहीं किया और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया है। इस मामले में जांच कमेटी द्वारा जांच की जा रही है। पूछताछ एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्यवाही की जायेगी।





