शिवपुरी में कोरोना ने तबाह किया परिवार, पिता की चिता ठंडी होने से पहले ही पुत्र की मौत

कोरोना

शिवपुरी, शिवम पाण्डेय। शिवपुरी (shivpuri) में फैले कोरोना (corona) के भीषण संक्रमण (infection) ने देखते ही देखते एक परिवार (family) को तबाह कर दिया। पहले पिता शिक्षक सुरेंद्र शर्मा की जिला अस्पताल (district hospital) के कोविड वार्ड (covid ward) में लापरवाही (carelessness) से मौत हो गई। लापरवाही से हुई पिता की मौत से आक्रोशित उनका पुत्र, पिता के लिए न्याय की मांग करते हुए कोरोना पॉजिटिव हुआ और आज शिवपुरी जिला अस्पताल के कोविड-19 वार्ड में कोरोना से जिंदगी की जंग हार गया।

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दरअसल, युवक के पिता शिक्षक सुरेंद्र शर्मा कोरोना संक्रमण के चलते कोविड वार्ड में भर्ती थे। परिजनों का आरोप है कि मंगलवार की रात में शिक्षक सुरेंद्र शर्मा को लगे ऑक्सीजन सपोर्ट को वार्ड बॉय ने हटाकर दूसरे मरीज को लगा दिया। जिससे शिक्षक सुरेंद्र शर्मा की सांस रूकने से मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में संपूर्ण मामला स्पष्ट दिखाई दे रहा है। सुबह तक अस्पताल प्रबधंन गलती से इंकार करता रहा, लेकिन बाद में जब मामला ऊंचे स्तर पर पहुंचा तो वार्ड में लगे सीसीटीवी फुटेज देखे गए जिसमें वार्ड में तैनात एक युवक मरीज को लगा ऑक्सीजन सपोर्ट हटाता दिखाई दिया। मेडीकल कॉलेज के अधीक्षक ने डॉ. अनंत कुमार राखोड़े प्राध्यापक एवं विभागध्यक्ष सहित आरएमओ डॉ. अनूप गर्ग और सहायक प्राध्यापक डॉ. शम्मी जैन की तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर 48 घंटे में जांच पूरी करने का निर्देश दिये गये थे।

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32 वर्षीय युवक मनीष कोरोना का ग्रास बने अपने पिता के निधन के बाद उनके लिए न्याय की मांग कर रहा था। तभी वो भी कोरोना संक्रमित हुआ और उस नौजवान ने ही आज शिवपुरी जिला अस्पताल के कोविड-19 वार्ड में कोरोना से लड़ते हुए दम तोड़ दिया।

शिवपुरी जिले में कोरोना महामारी के आपदा काल में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और संवेदनशीलता अब लोगों की जान पर मुसीबत बन रही है। इस सप्ताह में लापरवाही की वजह से तीन मौत होने के आरोप भी लग चुके हैं। जिले में कोरोना मरीजों की तादाद बढ़ने के साथ ही अब व्यवस्थाएं पूरी तरह से चौपट हो गई हैं। अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड उपलब्ध नहीं हैं। चिकित्सक इलाज करने से हाथ पीछे खींच रहे हैं। पैरा मेडिकल स्टाफ का काम मरीजों के स्वजन खुद कर रहे हैं। लापरवाही यहां भी नहीं रुक रही है। बुधवार को ऑक्सीजन मशीन हटा देने से एक मरीज की मौत के बाद गुरुवार को एक संदिग्ध मरीज ने मंदिर के बाहर दम तोड़ दिया।

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