
BHOPAL POLICE ARREST KALA IRANI
Singrauli News : मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील क्षेत्र में भूमि के क्रय-विक्रय एवं हस्तानांतरण एवं नामांतरण के लिए प्रतिबंधित अभ्यारण्य बगदरा क्षेत्र के झपरहवा गांव में फर्जी रजिस्ट्री कराने के मामले में फ्रॉड के विरूद्ध दर्ज एफआईआर में कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि फरियादी संजय जायसवाल निवासी खटाई थाना गढ़वा के द्वारा एसपी के दफ्तर में 29 मार्च 2023 को शिकायत आवेदन पत्र दिया कि ग्राम झपरहवा की आराजी क्रमांक 76/1 रकवा 13.67 है। वंशीलाल मल्लाह के नाम अभिलेख दर्ज था। जिसे अरूण विश्वकर्मा के द्वारा तत्कालीन हल्का पटवारी उदित नारायण शर्मा हल्का पटवारी झपरहवा-खम्हरिया से सांठगांठ करके भूमिस्वामी वंशीलाल मल्लाह का वारिश बताकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराकर राकेश मल्लाह नामक व्यक्ति के नाम पर भूमि को नामांतरण करवाकर मुझे 15 एकड़ भूमि तथा 15 एकड़ भूमि मेरी पत्नी राजकुमारी जायसवाल को 40 लाख रूपये में विक्रय कर दिया है। जहां पुलिस की जांच में व्यापक फर्जीवाड़ा मिला।
वारिसाना, नामांतरण आदेश राम सिंह गोड़ के बंटवारे का पाया गया तथा जो आदेश कम्प्यूटर में अपलोड किया जाना था। उस आदेश के स्थान पर हल्का पटवारी के द्वारा अपनी आईडी से कोरा कागज अपलोड किया जाकर फर्जी भूमिस्वामी राकेश मल्लाह के नाम नामांतरण किया जाना व 1 जून 2022 को 30 एकड़ भूमि को 40 लाख रूपए में संजय जायसवाल एवं उसकी पत्नी राजकुमारी के नाम रजिस्ट्री कराया जाना उप पंजीयक कार्यालय सिंगरौली में पाये जाने से थाना बैढऩ में धारा 420, 467, 468, 471, 420 बी भादवि आरोपीगण उदित नारायण शर्मा तत्कालीन हल्का पटवारी झपरहवा खम्हरिया अरूण विश्वकर्मा झपरहवा थाना गढ़वा, सीताराम हरमा, राकेश मल्लाह, गुलाब प्रसाद जायसवाल के विरूद्ध पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना में लिया गया। इस दौरान विवेचना आरोपी सीताराम विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया है।

सीसीएफ वन के अनुरोध पत्र पर प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन ने कलेक्टर सिंगरौली को पत्र लिखकर नेशनल पार्क एवं सोन सेन्चुरी अभ्यारण्य बगदरा क्षेत्र के भूमियों के क्रय- विक्रय पर कलेक्टर सिंगरौली ने 12 मई 2023 को रोक लगा दिया था। कलेक्टर ने बकायदा इसकी जानकारी पंजीयक एवं उपपंजीयक रजिस्ट्री सिंगरौली को लिखित सूचना दी थी। इसके बावजूद 1 जून को उपपंजीयक सिंगरौली के द्वारा झपरहवा गांव की भूमि की रजिस्ट्री कर दी गई थी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि यदि उपपंजीयक भूमि की रजिस्ट्री न करते तो हम धोखाधड़ी का शिकार न होते। इस पूरे खेल में उपपंजीयक अशोक सिंह परिहार की भूमिका अहम है। इनकी विरूद्ध भी कार्रवाई अब तक नही की गई। जबकि पिछले माह आईजी एवं नवागत पुलिस अधीक्षक के यहां से लिखित शिकायत की गई थी।
सिंगरौली से राघवेन्द्र सिंह गहरवार की रिपोर्ट
