पुलिस थाने से 500 मीटर दूर मंदिर में चोरी, चांदी की गदा व दान पेटी ले उड़े बदमाश

विंध्यनगर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान की जा रही है और जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
Theft in Singrauli temple

Theft in Singrauli temple

सिंगरौली के विंध्यनगर क्षेत्र के हनुमान मंदिर में देर रात चोरी की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। अज्ञात चोर मंदिर का स्टील गेट तोड़कर अंदर घुसे और भगवान हनुमान की चांदी की गदा व दान पेटी चोरी कर ले गए। मंदिर विंध्यनगर थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर सवाल उठ रहे हैं।

सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में घटना से पहले कुछ संदिग्ध लोग मंदिर के आसपास घूमते दिखे, जिससे रेकी किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इसके बाद एक नकाबपोश युवक गेट तोड़कर मंदिर में दाखिल हुआ और चांदी की गदा व दान पेटी लेकर बाहर निकल गया। दान पेटी को मंदिर परिसर के बाहर तोड़कर नकदी निकालने के बाद आरोपी फरार हो गया।

कबाड़ियों की सक्रियता पर भी उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि विंध्यनगर थाना क्षेत्र में कबाड़ी कारोबार की आड़ में चोरी का सामान खपाने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। मंदिर से चोरी हुई चांदी की गदा को लेकर भी कबाड़ियों की भूमिका की चर्चाएं तेज हैं। लोगों ने पुलिस से कबाड़ी दुकानों की सघन जांच की मांग की है।

लोगों में नाराजगी, सुरक्षा पर सवाल

घटना के बाद मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं और नाइट पेट्रोलिंग प्रभावी नहीं है। थाना के इतने करीब मंदिर में चोरी होना पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।

मामला दर्ज, फुटेज के आधार पर जांच

विंध्यनगर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान की जा रही है और जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही कबाड़ी दुकानों की भी जांच किए जाने की बात कही जा रही है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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