
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अपने आक्रामक और बेखौफ अंदाज के लिए मशहूर पंत अब एक ऐतिहासिक उपलब्धि के कगार पर खड़े हैं। इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में 23 जुलाई 2025 से शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में मैदान पर उतरते ही उनके पास टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम करने का सुनहरा मौका होगा। पंत फिलहाल 46 टेस्ट मैचों की 81 पारियों में 88 छक्कों के साथ भारत के वनडे कप्तान रोहित शर्मा के बराबर हैं। अब उनका अगला लक्ष्य है पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को पीछे छोड़ना, जिनके नाम 91 छक्के दर्ज हैं।
पंत की नजरें सहवाग के रिकॉर्ड पर
ऋषभ पंत ने अपने छोटे से टेस्ट करियर में ही 88 छक्के जड़कर साबित कर दिया है कि वह बड़े शॉट्स खेलने में माहिर हैं। रोहित शर्मा, जिन्होंने 64 टेस्ट में 88 छक्के लगाए हैं, उनके साथ बराबरी करने के बाद पंत अब सहवाग के 91 छक्कों के रिकॉर्ड को तोड़ने से मात्र 4 छक्के दूर हैं। अगर पंत मैनचेस्टर टेस्ट में 4 या उससे ज्यादा छक्के लगा देते हैं, तो वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। सहवाग ने यह आंकड़ा 104 टेस्ट मैचों में हासिल किया था, जबकि पंत ने केवल 46 टेस्ट में ही यह मुकाम छू लिया है।
छोटे करियर में बड़ी उपलब्धि
पंत की इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने इतने कम मैचों में यह आंकड़ा छुआ है। जहां रोहित और सहवाग जैसे दिग्गजों को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए क्रमशः 64 और 104 टेस्ट मैच खेलने पड़े, वहीं पंत ने महज 46 टेस्ट में इतने छक्के जड़ दिए हैं। एक विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में यह उपलब्धि और भी खास हो जाती है, क्योंकि विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी के साथ-साथ बल्ले से आक्रामक प्रदर्शन करना आसान नहीं है। पंत की बेखौफ और आक्रामक शैली ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट में एक अनोखा स्थान दिलाया है।
मैनचेस्टर टेस्ट में क्या करेंगे पंत?
पंत की बल्लेबाजी इस सीरीज में पहले भी भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हुई है। लॉर्ड्स टेस्ट में उनकी 78 रनों की आक्रामक पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था, हालांकि वह जीत में तब्दील नहीं हो सकी। वहीं, इससे पहले उन्होंने एक ही टेस्ट में दो शतक भी जड़े थे.
