सचिन तेंदुलकर को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, इन खिलाडियों को भी मिला अवार्ड

बीसीसीआई ने शनिवार को मुंबई में आयोजित अवॉर्ड सेरेमनी में भारतीय क्रिकेटरों को सम्मानित किया। इस दौरान क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जबकि रविचंद्रन अश्विन को भी स्पेशल अवॉर्ड दिया गया।
सचिन तेंदुलकर को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, इन खिलाडियों को भी मिला अवार्ड

शनिवार को बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को “नमन अवॉर्ड” से सम्मानित किया। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को करनल सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया। बीसीसीआई के हेडक्वार्टर, मुंबई में यह अवॉर्ड सेरेमनी आयोजित की गई थी। इस दौरान महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना और पुरुष क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह, रविचंद्रन अश्विन समेत कई खिलाड़ियों को अवॉर्ड प्रदान किए गए।

बीसीसीआई ने रविचंद्रन अश्विन को स्पेशल अवॉर्ड से सम्मानित किया, जबकि स्मृति मंधाना को “बेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर” का अवॉर्ड दिया गया। इसके अलावा जसप्रीत बुमराह को भी “बेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर” के अवॉर्ड से नवाजा गया।

इन खिलाडियों को मिला अवार्ड

दरअसल, शनिवार को आयोजित अवॉर्ड सेरेमनी में सरफराज खान को भी सम्मानित किया गया। उन्हें “बेस्ट मेंस डेब्यू” अवॉर्ड से नवाजा गया। वहीं, महिला क्रिकेट में आशा शोभना को “बेस्ट वुमेंस डेब्यू” अवॉर्ड दिया गया। महिला क्रिकेट में दीप्ती शर्मा को “बेस्ट बॉलर अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया, जबकि शशांक सिंह को “बेस्ट व्हाइट बॉल ऑलराउंडर” क्रिकेटर का अवॉर्ड मिला। वहीं, तनुष कोटियान को “बेस्ट रेड बॉल ऑलराउंडर” के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

जानिए क्या बोले सचिन तेंदुलकर

इस दौरान सचिन तेंदुलकर ने अपनी क्रिकेट जर्नी के बारे में अपने फैंस के साथ कई बातें साझा कीं। सचिन ने कहा, “मैं इस सम्मान के लिए बीसीसीआई का धन्यवाद करता हूं। हमारी क्रिकेट बोर्ड ने हमेशा से ही खिलाड़ियों को सपोर्ट किया है। जब मैं 16 साल का था और आज जब मुझे ‘सर सचिन’ कहा गया, तो मुझे अपनी उम्र का एहसास हुआ। शुरुआती मैचों में कपिल पाजी ने मुझे हमेशा समय पर रहने की सलाह दी थी। तब से मैं अपनी घड़ी को 7-8 मिनट आगे रखता हूं, ताकि कभी भी लेट न हो सकूं। उनका यह लेसन मुझे हमेशा याद रहेगा। मुझे याद है जब मैं दो साल तक बिना स्पॉन्सर के क्रिकेट खेला क्योंकि उस समय तंबाकू कंपनियां स्पॉन्सर ऑफर कर रही थीं। लेकिन मेरे पापा ने कहा था कि भले ही बिना कॉन्ट्रैक्ट के खेलो, लेकिन गलत कंपनियों को अपने साथ मत जोड़ो।”

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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