
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का फाइनल रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद साउथ अफ्रीका ने 2 विकेट पर 213 रन बना लिए हैं और अब उन्हें जीत के लिए सिर्फ 69 रन की जरूरत है। मार्कराम ने नाबाद 102 और कप्तान बावुमा ने नाबाद 65 रन बनाए हैं। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 143 रन की अहम साझेदारी की और ऑस्ट्रेलिया को पूरे दिन विकेट के लिए तरसा दिया।
दरअसल एडन मार्कराम ने फाइनल जैसी बड़ी चुनौती में जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक जड़ा। उन्होंने सिर्फ 59 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 156 गेंदों में शतक तक पहुंचे। पूरे मैच में उनका फुटवर्क, टाइमिंग और डिफेंस कमाल का रहा। मार्कराम ने हर ऑस्ट्रेलियन गेंदबाज का डटकर सामना किया और छोटी-छोटी साझेदारियों को बड़ी पारी में बदला। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। जहां दूसरे छोर पर विकेट गिर रहे थे, वहीं उन्होंने धैर्य नहीं खोया। खास बात ये रही कि उन्होंने स्पिन और पेस दोनों के खिलाफ शानदार स्ट्रोक्स खेले। यह पारी साउथ अफ्रीका के लिए न सिर्फ फाइनल में बल्कि टेस्ट इतिहास में भी यादगार बन सकती है।
दूसरी पारी में बिखर गई कंगारू टीम
दरअसल ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में बल्लेबाज बुरी तरह फ्लॉप रहे। कगिसो रबाडा और लुंगी नगीडी ने सटीक लाइन और लेंथ के साथ ऑस्ट्रेलियाई टॉप ऑर्डर की कमर तोड़ दी। रबाडा ने उस्मान ख्वाजा (6) और कैमरन ग्रीन (0) को जल्दी पवेलियन भेजा, वहीं नगीडी ने स्टीव स्मिथ (13) और ट्रेविस हेड (9) को भी ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। इस पारी में सिर्फ मिचेल स्टार्क ने 58 रन की नाबाद जुझारू पारी खेली। एलेक्स कैरी ने भी 43 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज टिक नहीं पाए। पूरी टीम 207 रन पर सिमट गई, जिससे उन्हें कुल 281 रन की बढ़त मिली। इतने कम स्कोर का डिफेंड करना आसान नहीं होता, खासकर जब सामने मार्कराम और बावुमा जैसे फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज हों।
पहली पारी से लेकर तीसरे दिन तक का पूरा समीकरण
वहीं ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 212 रन बनाए थे, जिसमें स्मिथ और वेबस्टर ने अर्धशतक जड़ा। जवाब में साउथ अफ्रीका पहली पारी में सिर्फ 138 रन पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने उस पारी में 6 विकेट लिए थे और अपनी टीम को 74 रन की बढ़त दिलाई थी। हालांकि दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज ढह गए, और अब साउथ अफ्रीका के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका है। अगर वे 69 रन और बना लेते हैं, तो पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन बनने का गौरव हासिल करेंगे। मैच रोमांचक मोड़ पर है, और चौथे दिन सुबह का पहला सेशन दोनों टीमों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

