BHARAT BAND: टीकमगढ़ में भी दिखा असर, फल-सब्जी मंडी रही बंद

BHARAT BAND: टीकमगढ़ में भी दिखा असर, फल-सब्जी मंडी रही बंद

टीकमगढ़।आमिर खान। CAA के विरोध में भारत बन्द के आह्वान को देखते हुए टीकमगढ़ में भी इसका असर देखने को मिला। टीकमगढ़ शहर की फल, सब्जी मंडी भी बंद रखी गई।
शहर की थोक सब्जी मंडी बन्द रहने से शहर में सब्जी और फल सप्लाई नहीं हो पाई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। फल सब्जी विक्रेताओं ने थोक मंडी को बंद रखके वहां जमकर नारेबाजी की। इसके साथ आजादी के नारे भी लगाए। इस थोक मंडी के बंद होने से सब्जी व व्यापार में बड़ा नुकसान हुआ। इसी प्रकार भारत बन्द की सूचना मिलते ही शहर में पुलिस कप्तान अनुराग सुजानिया ने भी पुलिस को अलर्ट कर दिया। शहर के हर एक चौराहे पर पुलिस के जवानों को भी मुस्तैद किया गया, जिससे किसी भी प्रकार से कोई हालात खराब न हों। भारत बंद का असर बाजार पर तो नहीं दिखा, लेकिन जिले की सबसे बड़ी सब्जी मंडी पूर्णतः बन्द रही। बंद के दौरान हबीब राईन, मूसा राईन, कादिर, गुलफाम राईन, शमशाद राईन, इरशाद राईन, इकबाल खान, मुन्ना राईन, नाथूराम इत्यादि सब्जी फल विक्रेता मौजूद रहे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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