महाकाल की भस्म आरती में उमड़ी सितारों की आस्था, ऐश्वर्या राज, हितेन तेजवानी और गौरी प्रधान ने किए दर्शन

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भोर की भस्म आरती के दौरान उस वक्त खास माहौल देखने को मिला, जब फिल्म और टीवी जगत के जाने-माने सितारे भी आम श्रद्धालुओं की तरह बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे और विधि-विधान से दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
महाकाल की भस्म आरती

उज्जैन की ठंडी सुबह, मंदिर परिसर में गूंजते मंत्र और ढोल-नगाड़ों की आवाज मकर संक्रांति के पावन पर्व पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का दृश्य हमेशा की तरह खास रहा। लेकिन इस बार मकर संक्रांति के कारण यह नजारा और भी भव्य हो गया, जब फिल्म और टीवी जगत के चर्चित चेहरे भी उसी भक्ति भाव के साथ बाबा महाकाल के दरबार में नजर आए। अभिनेत्री ऐश्वर्या राज, टीवी अभिनेता हितेन तेजवानी और अभिनेत्री गौरी प्रधान तड़के चार बजे मंदिर पहुंचे और मकर संक्रांति के पावन अवसर पर भस्म आरती में शामिल हुए।

महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती

श्री महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती दुनिया भर में प्रसिद्ध है, लेकिन मकर संक्रांति के दिन इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। मकर संक्रांति को सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व माना जाता है और इस दिन भगवान शिव के दर्शन और स्नान-दान का विशेष पुण्य बताया गया है। इसी कारण मकर संक्रांति पर तड़के होने वाली भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

भस्म आरती में भगवान शिव को भस्म अर्पित कर विशेष पूजा की जाती है। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन इस आरती में शामिल होने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मन को गहरी शांति मिलती है। मकर संक्रांति के कारण मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों से कहीं अधिक रही।

मकर संक्रांति पर उज्जैन बना आस्था और संस्कृति का केंद्र

उज्जैन को भगवान महाकाल की नगरी कहा जाता है और मकर संक्रांति पर यह नगरी पूरी तरह आस्था में डूब जाती है। शिप्रा स्नान, दान-पुण्य और भस्म आरती के कारण उज्जैन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मकर संक्रांति के मौके पर न सिर्फ आम श्रद्धालु, बल्कि देश की बड़ी हस्तियां भी महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं।

पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि मकर संक्रांति, महाशिवरात्रि और सावन जैसे पर्वों पर फिल्म, राजनीति, खेल और उद्योग जगत से जुड़े लोग महाकाल दर्शन के लिए आते रहे हैं। इससे उज्जैन की धार्मिक पहचान और मजबूत होती है और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। मकर संक्रांति पर भस्म आरती में शामिल होने के बाद कई श्रद्धालु हरसिद्धि माता मंदिर, काल भैरव मंदिर और शिप्रा घाट जाकर स्नान और दर्शन भी करते नजर आए।

Bhawna Choubey
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