सिंहस्थ-2028 की तैयारी शुरू, उज्जैन में तैयार होंगे 750 स्नेक कैचर, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सरकार का बड़ा फोकस

सिंहस्थ-2028 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उज्जैन में होमगार्ड ने स्नेक कैचर प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर 750 प्रशिक्षित स्नेक कैचर्स की टीम तैयार की जाएगी।
सिंहस्थ-2028 की तैयारी शुरू, उज्जैन में तैयार होंगे 750 स्नेक कैचर, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सरकार का बड़ा फोकस

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तय समय से पहले शुरू हो गई हैं। वहीं इसी कड़ी में होमगार्ड विभाग ने स्नेक कैचर और सर्पदंश से बचाव का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का मकसद मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा बढ़ाना और किसी भी आपात स्थिति में तेज़ी से कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

दरअसल प्रशिक्षण का पहला चरण शुक्रवार को होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट परिसर में शुरू हुआ। इसमें करीब 185 प्रतिभागियों को सांपों की पहचान, सुरक्षित तरीके से पकड़ने की तकनीक, सर्पदंश के दौरान प्राथमिक उपचार और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े जरूरी नियमों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण एसडीईआरएफ के मास्टर ट्रेनर्स की देखरेख में कराया जा रहा है।

सिंहस्थ-2028 के लिए क्यों जरूरी है स्नेक कैचर प्रशिक्षण?

बता दें कि सिंहस्थ दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जहां करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। इतने बड़े आयोजन में खुले मैदान, नदी किनारे, अस्थायी शिविर और हरियाली वाले इलाकों में सांप निकलने की संभावना बनी रहती है। कई बार सांप किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन उन्हें देखकर लोगों में घबराहट फैल जाती है, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। यही वजह है कि होमगार्ड विभाग पहले से प्रशिक्षित स्नेक कैचर्स की टीम तैयार कर रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बताया जा रहा है कि जहरीले और बिना जहरीले सांपों की पहचान कैसे करें, उन्हें बिना चोट पहुंचाए सुरक्षित तरीके से कैसे पकड़ा जाए और बाद में प्राकृतिक आवास में कैसे छोड़ा जाए। साथ ही सर्पदंश की स्थिति में शुरुआती इलाज और मरीज को अस्पताल पहुंचाने की सही प्रक्रिया भी सिखाई जा रही है। इससे आपात स्थिति में घबराहट कम होगी और लोगों की जान बचाने में मदद मिलेगी।

750 प्रशिक्षित स्नेक कैचर संभालेंगे जिम्मेदारी

दरअसल होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के जिला कमांडेंट संतोष कुमार जाट के अनुसार सिंहस्थ-2028 तक करीब 750 प्रशिक्षित स्नेक कैचर्स की टीम तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इन प्रशिक्षित जवानों को मेला क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों, घाटों, पार्किंग क्षेत्रों, शिविरों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात किया जाएगा। जैसे ही कहीं सांप दिखाई देगा, प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ेगी और वन विभाग के सहयोग से प्राकृतिक वातावरण में छोड़ देगी। इससे न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि वन्यजीव संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
Follow Us :GoogleNews