मध्य प्रदेश सरकार के 2026-27 के बजट को उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने एक ‘समावेशी और विकासोन्मुख’ बजट करार दिया है। उज्जैन स्थित लोकशक्ति भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के विकास को एक नई दिशा प्रदान करेगा।
मंत्री टेटवाल ने बजट की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सरकार ने परंपरागत ‘ज्ञान’ की अवधारणा से आगे बढ़कर ‘ज्ञानी’ की अवधारणा को अपनाया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र का संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट तैयार करते समय समाज के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों — गांव, गरीब, मजदूर, किसान और युवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
बुनियादी ढांचे और रोजगार पर फोकस
प्रभारी मंत्री के अनुसार, प्रदेश सरकार का विशेष जोर इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री के विकास पर है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने से न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। टेटवाल ने इस विकासोन्मुख बजट के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का आभार व्यक्त किया।
“यह बजट प्रदेश के हर वर्ग के हित में है और विकास की नई दिशा तय करेगा। सरकार का लक्ष्य हर व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।” — गौतम टेटवाल, प्रभारी मंत्री, उज्जैन
धार्मिक स्थलों के विकास का भी प्रावधान
पत्रकार वार्ता में मंत्री टेटवाल ने धार्मिक और सांस्कृतिक व्यवस्थाओं पर भी सरकार के ध्यान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बजट में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। इसमें विशेष रूप से महाकाल मंदिर और मां शिप्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना शामिल है।
महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने साफ किया कि मंदिर के सुचारू और व्यवस्थित संचालन के लिए कुछ निर्णय लेना आवश्यक होता है, जिनका एकमात्र उद्देश्य व्यवस्था को बेहतर बनाना और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करना है। इस पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, नगर निगम सभापति कलावती यादव सहित पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।






