बाबा महाकाल की सवारी के मार्ग को सुंदर बनाने के लिए हुई बैठक में हंगामा देखने को मिला। दरअसल उज्जैन के एक निजी होटल में हुई बैठक में महापौर, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा सिंहस्थ और विकास प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी, पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। दुकानों और मकानों का एक जैसा रंग, समान डिजाइन के साइन बोर्ड और एक जैसी लाइटिंग लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। व्यापारियों का कहना है कि वे अपनी समस्याएं रखने पहुंचे थे लेकिन चौड़ीकरण का मुद्दा आने के बाद बैठक का माहौल बदल गया।
वहीं बैठक के दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने चौड़ीकरण में सहयोग की बात कही और मौजूद लोगों से इसके समर्थन में शपथ लेने का आग्रह किया। इस पर व्यापारियों और रहवासियों ने विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि चौड़ीकरण की स्थिति में किसका मकान या दुकान प्रभावित होगी और कितना नुकसान होगा। इसी बात को लेकर बैठक में बहस बढ़ गई और हंगामे की स्थिति बन गई।
मार्ग चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों का विरोध
दरअसल व्यापारियों के मुताबिक उन्हें सवारी मार्ग के सौंदर्यीकरण और व्यवस्थाओं पर सुझाव देने के लिए बुलाया गया था। उनका आरोप है कि उनकी बात सुनने से पहले मंच से लंबे संबोधन होते रहे। बाद में चौड़ीकरण का मुद्दा सामने आया तो व्यापारियों और रहवासियों ने अपनी आपत्तियां रखनी शुरू कीं। कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष रवि राय के मुताबिक बैठक में करीब 250 से 300 लोग मौजूद थे। उनका कहना है कि व्यापारी नगर निगम आयुक्त और जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी समस्याएं रखना चाहते थे। रवि राय ने आरोप लगाया कि लोगों की बात पूरी तरह सुने बिना विधायक और नगर निगम आयुक्त वहां से चले गए जिसके बाद लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
जानिए विधायक अनिल जैन ने क्या कहा?
वहीं विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि बैठक मूल रूप से चौड़ीकरण के लिए नहीं बल्कि सवारी मार्ग के सौंदर्यीकरण को लेकर आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चौड़ीकरण का विरोध कर रहे थे। विधायक के मुताबिक जिन मार्गों के चौड़ीकरण के फैसले तय मापदंडों और आम सहमति के आधार पर लिए गए हैं वहां चौड़ीकरण किया जाएगा। छोटी-मोटी समस्याओं को आपसी बातचीत से हल किया जाएगा। हंगामे को लेकर विधायक ने कहा कि ऐसी बैठकों में अलग-अलग विचार होने के कारण बहस होना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि इसके बाद वे नगर निगम आयुक्त के साथ वहां से निकल गए।
दरअसल बैठक में कांग्रेस नेताओं ने भी सवारी मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर सवाल उठाए। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष रवि राय और कांग्रेस पार्षद माया त्रिवेदी ने कहा कि उज्जैन के कई इलाकों की पहचान पुराने मंदिरों और धार्मिक स्थलों से जुड़ी हुई है। उनका कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में हर सड़क का चौड़ीकरण जरूरी नहीं है और किसी भी फैसले से पहले प्रभावित व्यापारियों और रहवासियों की बात सुनी जानी चाहिए।






