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उज्जैन स्टेशन पर 31 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले, महाकाल भक्तों को होगी परेशानी

Written by:Bhawna Choubey
Published:
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर 10 फरवरी से 31 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदलने जा रहे हैं। इससे महाकाल मंदिर दर्शन के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को लंबी दूरी पैदल चलना पड़ेगा, जिससे सफर और ज्यादा थकाऊ हो सकता है।
उज्जैन स्टेशन पर 31 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले, महाकाल भक्तों को होगी परेशानी

उज्जैन जिसे बाबा महाकाल की नगरी कहा जाता है, हर दिन हजारों श्रद्धालुओं का स्वागत करती है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग सिर्फ एक झलक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। लेकिन अब यात्रियों को स्टेशन पर उतरते ही नई परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

रेलवे प्रशासन ने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाली 31 ट्रेनों के प्लेटफार्म में बदलाव का फैसला किया है, जो 10 फरवरी से लागू होगा। इस बदलाव का मकसद स्टेशन पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना बताया जा रहा है, लेकिन इससे खासकर महाकाल दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

क्यों बदले जा रहे हैं प्लेटफार्म

रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, उज्जैन रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर एक पर यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा था। इसी को देखते हुए प्लेटफार्मों का उपयोग बराबर करने के लिए यह बदलाव किया गया है।

रेलवे का कहना है कि इससे स्टेशन संचालन ज्यादा व्यवस्थित होगा और यात्रियों को भीड़ से राहत मिलेगी। खासकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को फायदा मिलने की बात कही जा रही है।

लेकिन जमीन पर स्थिति थोड़ी अलग नजर आ रही है। यात्रियों का कहना है कि अब कई ट्रेनों को स्टेशन के अंतिम छोर यानी प्लेटफार्म नंबर 7 और 8 पर रोका जाएगा, जहां से मुख्य निकास और शहर की ओर जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।

महाकाल दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों को कैसे होगी परेशानी

उज्जैन आने वाले अधिकांश यात्री महाकाल मंदिर दर्शन के लिए आते हैं। स्टेशन से बाहर निकलकर उन्हें इंदौर गेट या मुख्य स्टेशन की ओर जाना होता है, जहां से मंदिर के लिए वाहन मिलते हैं।

अब जिन ट्रेनों को प्लेटफार्म नंबर 7 और 8 पर रोका जाएगा, वहां से यात्रियों को अपना सामान उठाकर काफी दूरी पैदल तय करनी पड़ेगी। सबसे बड़ी समस्या यह है कि स्टेशन के नागदा छोर पर अभी लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं।

बुजुर्ग यात्रियों, छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे परिवारों और महिलाओं के लिए यह सफर और कठिन हो सकता है। कई यात्रियों ने कहा कि प्लेटफार्म बदलने से यात्रा का अंतिम हिस्सा ज्यादा थकाऊ हो जाएगा।

किन ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले गए हैं

रेलवे द्वारा जारी सूची के अनुसार कई प्रमुख एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के प्लेटफार्म बदल दिए गए हैं। इनमें इंदौर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस, इंदौर-दौंड एक्सप्रेस, इंदौर-आसरवा एक्सप्रेस, नागपुर-इंदौर सुपरफास्ट, गांधीधाम-इंदौर एक्सप्रेस समेत कई लंबी दूरी की ट्रेनें शामिल हैं। कुछ ट्रेनों को प्लेटफार्म नंबर 5 और 6 से हटाकर 8 नंबर पर भेजा गया है, जबकि कुछ को 4 से 6 या 6 से 5 पर स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा 12 पैसेंजर और मेमू ट्रेनों के प्लेटफार्म भी बदले गए हैं, जो रोजाना यात्रा करने वाले स्थानीय यात्रियों को प्रभावित करेंगे।

स्टेशन पर रोजाना कितनी ट्रेनों का संचालन होता है

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 70 से ज्यादा यात्री ट्रेनें आती-जाती हैं। इनमें लंबी दूरी की ट्रेनें, इंटरसिटी, मेमू और पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। महाकाल मंदिर, सिंहस्थ और अन्य धार्मिक आयोजनों के कारण यहां यात्रियों की संख्या अन्य शहरों की तुलना में अधिक रहती है। ऐसे में प्लेटफार्म व्यवस्था में बदलाव का सीधा असर यात्रियों की सुविधा पर पड़ता है।