
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पैडलेगंज गुरुद्वारा में गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश पर्व पर 2.34 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए सुंदरीकरण कार्य का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने भारत, भारतीयता और सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी सनातन धर्म पर संकट आया, सिख गुरुओं ने बिना संकोच अपने आपको बलिदान कर दिया। मुख्यमंत्री ने सिख समुदाय की गुरु परंपरा के प्रति निष्ठा को उनकी प्रगति का आधार बताया।
मुख्यमंत्री ने गुरु तेग बहादुर के बलिदान के 350वें वर्ष के उपलक्ष्य में देश-दुनिया में आयोजित कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर कीर्तन आयोजित हुआ, जिसके बाद मंडली दिल्ली के शीशगंज गुरुद्वारा तक कीर्तन करती हुई पहुंची। साथ ही, गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर भी मुख्यमंत्री आवास में कीर्तन हुआ था। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय की लंबे समय से मांग थी कि गुरु गोबिंद सिंह के चार साहबजादों के बलिदान दिवस को मान्यता दी जाए, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में घोषित किया।
गुरु गोबिंद सिंह के चार साहबजादों के बलिदान
मुख्यमंत्री ने गुरु गोबिंद सिंह के चार साहबजादों के बलिदान की गौरवशाली गाथा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि औरंगजेब ने साहबजादों को लोभ देकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। छोटे साहबजादे ने बड़े भाई के आंसुओं पर कहा, “तुम रो क्यों रहे हो?” बड़े ने जवाब दिया कि उन्हें पहले बलिदान देना चाहिए था। दोनों ने दीवार में चुनवाए जाने के बावजूद विधर्मियों के सामने सिर नहीं झुकाया। योगी ने कहा कि यह सिख समुदाय का गौरवशाली इतिहास है, जिसे देश और धर्म के लिए समर्पित बलिदान के रूप में याद किया जाता है।
सिख गुरु परंपरा के प्रति सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरु परंपरा के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए सरकार ने गोरखपुर के जटाशंकर, मोहद्दीपुर और पैडलेगंज गुरुद्वारों का सुंदरीकरण कराया है। कार्यक्रम में उन्हें शाल और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। एमएलसी धर्मेंद्र सिंह और सांसद रविकिशन शुक्ला ने भी समारोह को संबोधित किया। संचालन जगनैन सिंह नीटू ने किया। मुख्यमंत्री ने सभी से सिख गुरुओं के बलिदान को जीवन में उतारने और उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करने का आह्वान किया।
