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PM मोदी के नेतृत्व में भारत बन रहा ‘Spiritual Economy’, काशी-अयोध्या हैं उदाहरण’, बोले योगी आदित्यनाथ

Written by:Ankita Chourdia
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भारत पर्व 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि काशी-अयोध्या जैसे तीर्थस्थलों के विकास से न केवल आस्था को बल मिला है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी नई गति मिली है।
PM मोदी के नेतृत्व में भारत बन रहा ‘Spiritual Economy’, काशी-अयोध्या हैं उदाहरण’, बोले योगी आदित्यनाथ

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को मॉडर्न इन्फ्रास्ट्रक्चर से जोड़कर एक नया अध्याय लिख रहा है। भारत पर्व 2025 के एक कार्यक्रम में उन्होंने इस बदलाव को ‘नए भारत’ का चेहरा बताया, जहाँ देश अब एक ‘Spiritual Economy’ (आध्यात्मिक अर्थव्यवस्था) के रूप में उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज काशी, अयोध्या, केदारनाथ और महाकाल जैसे तीर्थस्थल केवल श्रद्धा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के बड़े प्रेरक बन चुके हैं। उन्होंने इस transformation का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के विजन को दिया।

काशी-अयोध्या बने अर्थव्यवस्था के नए केंद्र

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए बताया कि श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के पुनर्निर्माण के बाद वहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, “अब हर साल 11 से 12 करोड़ श्रद्धालु काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए आ रहे हैं।”

इसी तरह, अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर निर्माण को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद यह संभव हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अयोध्या में अब प्रतिवर्ष 6 से 8 करोड़ श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार, रोजगार और पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है।

‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ आस्था और विकास का संगम

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन की सराहना करते हुए “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कैसे एक वीरान स्थल को एक विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र में बदल दिया गया।

“स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत की एकता और आस्था का प्रतीक है। यह आस्था और विकास के संगम का जीवंत उदाहरण है कि कैसे एक विजन एक पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य “आस्था को अवसंरचना से जोड़कर” श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा, सुरक्षा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। महाकाल महालोक, केदारनाथ धाम पुनरुद्धार और मथुरा-वृंदावन के विकास कार्यों को भी उन्होंने इसी दिशा में उठाए गए कदम बताया।

Ankita Chourdia
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