सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी होली की शुभकामनायें, कहा- हमें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है

योगी ने कहा होली का पर्व उत्साह और उमंग का है जोश का है लेकिन इसके साथ होश भी बहुत आवश्यक है। हम होश खोते हैं तब उपद्रव होता है जब जोश में रहता हैं और अनुशासित रहते हैं तो ये उत्साह ये उमंग कई गुना बढ़ता है।
CM Yogi Adityanath

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होली के पावन अवसर पर महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ की पावन धरा गोरखपुर में आयोजित भगवान नरस‍िंह की भव्य शोभायात्रा में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए, उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनायें दते हुए एक सभा को संबोधित किया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी महोत्सव में हम समता और समरसता के पावन पर्व होली के साथ जुड़ रहे हैं, उन्होंने कहा भारत में होली का यह पर्व हम ऐसे समय में आयोजित कर रहे हैं जब पूरी दुनिया में अव्यवस्था, अशांति, अराजकता का वातावरण है, लेकिन, भारत अपने यशस्वी नेतृत्व में आनंद, उत्साह और उमंग के साथ पर्व का आनंद ले रहा है।

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है

मुख्यमंत्री ने कहा हमें तो भारत को मजबूत बनाने के लिए कार्य करना है, ‘विकसित भारत’ की संकल्पना के साथ जुड़ना है,’एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है,  ये तब ही होगा जब हम संगठित रहेंगे। सीएम ने कहा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ 100 साल की यात्रा में चल रहा है आत्मानुशासन इस बात की प्रेरणा देता है।

योगी ने कहा- होली पर होश के साथ जोश भी जरूरी है 

उन्होंने कहा- होली का पर्व उत्साह और उमंग का है जोश का है लेकिन इसके साथ होश भी बहुत आवश्यक है।  जब हम होश खोते हैं तब उपद्रव होता है जब जोश में रहता हैं और अनुशासित रहते हैं तो ये उत्साह ये उमंग कई गुना बढ़ता है। उत्साह उत्सव में बदल जाता है और  ये होली का पर्व उसी उत्सव में बदलना चाहिए।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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