ग्रेटर नोएडा में CM योगी ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का किया उद्घाटन, कहा- बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं हर नागरिक का अधिकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर 10 में 200 करोड़ रुपये की लागत से बने KDSG अस्पताल का उद्घाटन किया और बाद में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे, निवेश और कानून-व्यवस्था में सुधार को विकास की बुनियाद बताया। कार्यक्रम में सांसद डॉ. महेश शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि और पूर्व क्रिकेटर कपिल देव मौजूद रहे।
ग्रेटर नोएडा में CM योगी ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का किया उद्घाटन, कहा- बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं हर नागरिक का अधिकार

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर 10 में शनिवार को 300 बेड वाले KDSG अस्पताल के उद्घाटन के साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी स्वास्थ्य निवेश को लेकर एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल का लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित किया और कहा कि प्रदेश अब पहचान के संकट से निकलकर विकास का नया इंजन बन रहा है।

यह अस्पताल करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। सरकार का दावा है कि इस संस्थान से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार भी पैदा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 300 बेड की इस सुविधा से करीब एक हजार लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाएं, निवेश और विकास का साझा एजेंडा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में गौतमबुद्ध नगर को उभरते निवेश केंद्र के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यहां फिल्म सिटी और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे प्रोजेक्ट आगे बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार प्रदेश में निवेश और सेवा, दोनों साथ-साथ चलेंगे और राज्य सरकार हर क्षेत्र में आवश्यक सहयोग देगी।

योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में ‘एक जनपद एक माफिया’ जैसी स्थिति की चर्चा होती थी, जबकि अब ‘एक जनपद एक मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था और संस्थागत विकास के संयुक्त परिणाम के तौर पर पेश किया।

‘बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं हर नागरिक का अधिकार हैं। डॉक्टर का अच्छा व्यवहार मरीज की आधी बीमारी खत्म कर देता है।’- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी भागीदारी को जरूरी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी को भरोसेमंद और किफायती इलाज उपलब्ध होना चाहिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए बताया कि देश में 60 करोड़ और उत्तर प्रदेश में 5.60 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड के जरिए उपचार की सुविधा मिल रही है।

एम्स, मेडिकल कॉलेज और राहत कोष पर आंकड़े

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर के स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार के आंकड़े भी साझा किए। उनके मुताबिक 2014 तक देश में केवल 6 एम्स थे, जो अब बढ़कर 23 हो चुके हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 17 से बढ़कर 81 पहुंची है। उन्होंने कहा कि KDSG अस्पताल और मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान इस बदलाव को आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन जरूरतमंदों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उन्हें भी उपचार से वंचित नहीं रहने दिया जा रहा। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री राहत कोष से एक वर्ष के दौरान 1300 करोड़ रुपये की सहायता दिए जाने की बात उन्होंने रखी।

अपने भाषण के दौरान उन्होंने पूर्व क्रिकेटर कपिल देव का उदाहरण देते हुए कहा कि नेतृत्व का असर परिणाम पर पड़ता है, जैसे कपिल देव टीम को लीड करते थे तो पाकिस्तान की टीम हार जाती थी। इस टिप्पणी का इस्तेमाल उन्होंने प्रबंधन और नेतृत्व के महत्व को समझाने के लिए किया।

सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कानून-व्यवस्था और निवेश माहौल का मुद्दा उठाया

कार्यक्रम में मौजूद गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश की भूमिका अहम रहने वाली है। उन्होंने याद दिलाया कि करीब 30 साल पहले निवेशक इस क्षेत्र में आने से कतराते थे, क्योंकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर नहीं थी और उद्योगों का पलायन होता था।

सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था, सड़क और बुनियादी ढांचे में सुधार के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उनके अनुसार जापान और सिंगापुर जैसे देश भी प्रदेश में निवेश को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने रजिस्ट्री, रेरा और किसानों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में काम का उल्लेख किया और मेट्रो के दूसरे रूट को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई।

उद्घाटन कार्यक्रम में पूर्व क्रिकेटर कपिल देव, प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह, विधायक तेजपाल नागर, धीरेंद्र सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा, प्रमोटर सुनील कुमार गुप्ता और डॉ. अजिंक्य डीवाई पाटिल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर इस कार्यक्रम को सरकार ने स्वास्थ्य अवसंरचना, निजी निवेश और क्षेत्रीय विकास की संयुक्त पहल के रूप में पेश किया, जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के दीर्घकालिक आर्थिक विस्तार से जोड़कर देखा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews