
प्रयागराज नगर निगम सदन की बैठक में शुक्रवार देर शाम दो महिला पार्षदों के बीच तीखा विवाद हो गया। महापौर गणेश केसरवानी को उनके नाम से संबोधित करने पर पार्षद सोनिका अग्रवाल और किरन जायसवाल के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि माइक छीनने और पानी उड़ेलने की नौबत आ गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अन्य पार्षदों को बीच-बचाव करना पड़ा। मामला शांत होने के बाद सोनिका ने इस्तीफा देने की बात कही, जिसे महापौर ने स्वीकार नहीं किया।
विवाद तब शुरू हुआ जब वरिष्ठ पार्षद शिवसेवक सिंह जलकर पर छूट के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे थे। पार्षद सोनिका अग्रवाल ने गृहकर के मुद्दे पर बोलना शुरू किया, जिसे महापौर ने विषयांतर बताकर रोक दिया। इस पर सोनिका ने महापौर को ‘गणेश’ कहकर संबोधित किया और बोलने से रोकने का आरोप लगाया। पार्षद किरन जायसवाल ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन की गरिमा के लिए महापौर को उनके नाम से नहीं बुलाया जा सकता।
महापौर का माइक छीनने की कोशिश
बात बढ़ते ही दोनों पार्षद मंच के पास पहुंच गईं। सोनिका ने महापौर का माइक छीनने की कोशिश की और खुद पर पानी उड़ेल लिया। किरन जायसवाल ने भी मंच पर जाकर जवाबी कार्रवाई की। स्थिति को बिगड़ता देख अन्य पार्षदों ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया। बाद में सोनिका ने कागज में इस्तीफा लिखकर महापौर को सौंपने की कोशिश की और सदन में पीछे बैठ गईं। उनके पति और पूर्व पार्षद आनंद अग्रवाल भी पहुंचे, लेकिन तब तक मामला शांत हो चुका था।
हल्की बहस बताकर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश
महापौर गणेश केसरवानी ने इसे हल्की बहस बताकर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की। सदन में गृहकर पर राहत की भी घोषणा हुई, जिसमें 2022 से बकाया गृहकर पर ब्याज और एक साल का एरियर माफ कर दिया गया। जलकर समायोजन और ओटीएस स्कीम के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं, जिन्हें 2025-26 में लागू करने की योजना है।
