लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये आर्थिक सहायता की घोषणा, घटनास्थल पर पहुंचे सीएम योगी, जाँच के आदेश

लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद हाथरस और अलीगढ़ दौरा रद्द करके सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ लौट आए । सीएम योगी आदित्यनाथ घटनास्थल और केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
Lucknow coaching centre fire Yogi Adityanath reaches incident site

Lucknow coaching centre fire Yogi Adityanath reaches incident site

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर हुए अग्निकांड में मृतकों की संख्या का आंकडा 15 हो गया है, सीएम योगी आदित्यनाथ अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर अलीगढ से सीधे लखनऊ पहुंचे, उन्होंने घटना स्थल पर जाकर देखा, और अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों के परिजनों को धैर्य रखने के लिए कहा, मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता की घोषणा की और कहा कि घटना की जाँच कराई जाएगी इसकी तह तक जायेंगे और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जायेगा।

लखनऊ के कोचिंग संस्थान में हुई अग्नि दुर्घटना में फायर सेफ्टी इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, अलीगढ का दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ पहुंचे सीएम योगी ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई और नाराजगी जताई उन्होंने निर्देश दिए कि व्यवस्थाएं ऐसी की जाएँ कि इस तरह की दुर्घटना फिर प्रदेश में कहीं नहीं हो।

मुख्यमंत्री ने की आर्थिक सहायता की घोषणा 

मुख्यमंत्री ने अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की वहीं घायलों को 50 50 हजार रुपये देने की घोषणा की, उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों के परिजनों से मुलाकात की और डॉक्टर्स को निर्देश दिए कि घायलों का समुचित इलाज किया जाये।

दुःख को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते : योगी   

मुख्यमंत्री ने कहा इस हृदय विदारक दुर्घटना में अपनों को खोने वाले परिवारों का दुःख शब्दों में व्यक्त नहीं हो सकता, उत्तर प्रदेश सरकार सभी पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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