
सिराथू विधानसभा क्षेत्र की विधायक पल्लवी पटेल अपनी पार्टी अपना दल (कमेरावादी) के राष्ट्रीय महासभा के प्रचार को लेकर नए विवाद में फंस गई हैं। 14 सितंबर को सैनी के कृषि मैदान में आयोजित होने वाले इस अधिवेशन के लिए लगाए गए बैनर और पोस्टर, विशेष रूप से महाराजा बिजली पासी के दिशा-सूचक बोर्ड पर लगाए गए बैनर, ने पासी समाज में भारी रोष पैदा कर दिया है। इस मामले ने राजनीतिक बहस को जन्म दिया है और सोशल मीडिया पर भी पल्लवी के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन के प्रचार के लिए सैनी क्षेत्र में कई स्थानों पर होर्डिंग्स और पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें से एक बैनर महाराजा बिजली पासी के दिशा-सूचक बोर्ड पर लगाया गया, जिसे पासी समाज ने अपने प्रतीक के अपमान के रूप में लिया। इस घटना ने समाज के लोगों में गुस्सा भड़का दिया है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे संवेदनशील मुद्दे पर लापरवाही करार देते हुए नेताओं से समाज के प्रतीकों के प्रति सम्मान बरतने की मांग की है।
ओम प्रकाश पासी का तीखा हमला
भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय मंत्री ओम प्रकाश पासी ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पल्लवी पटेल, जो खुद को पासी समाज की हितैषी बताती हैं, महाराजा बिजली पासी का अपमान कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पल्लवी को वास्तव में समाज की चिंता होती, तो वे सराय अकिल और कड़ा धाम में पासी समाज के साथ हुई घटनाओं पर चुप्पी नहीं साधतीं। ओम प्रकाश ने चेतावनी दी कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पासी समाज इसका जवाब वोट के जरिए देगा।
पुलिस में शिकायत, कार्रवाई की मांग
ओम प्रकाश पासी ने सैनी कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कर महाराजा बिजली पासी के सम्मान से छेड़छाड़ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस कृत्य को समाज के प्रति अनादर बताया और संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की। पासी समाज के कई लोगों ने भी सोशल मीडिया पर इस घटना की निंदा की है और नेताओं से समाज के प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता बरतने की अपील की है। यह विवाद पल्लवी पटेल के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकता है।
