लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी मुहिम छेड़ हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर FSDA ने पूरे प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप और नॉरकोटिक दवाओं के इल्लीगल स्टॉकिंग और बिक्री के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। इस विशेष अभियान में अब तक लाखों रुपये की अवैध दवाएं जब्त की गई हैं, 16 एफआईआर दर्ज हुई हैं और 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
यह अभियान उत्तर प्रदेश को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के संकल्प के तहत चलाया जा रहा है। विभाग ने नेपाल सीमा सहित हरियाणा, दिल्ली और पंजाब से सटे जिलों में भी संदिग्ध मेडिकल स्टोर्स पर निगरानी बढ़ा दी है।
प्रदेश भर में 115 जगहों पर छापेमारी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है। अब तक राज्य भर में 115 जगहों पर निरीक्षण और छापेमारी की गई है। इस दौरान लाखों की दवाएं सीज की गईं और जांच के लिए 115 नमूने लैब भेजे गए हैं।
उन्होंने बताया कि जांच में संदिग्ध पाए गए 25 मेडिकल स्टोर्स पर कोडीनयुक्त सिरप और नॉरकोटिक दवाओं की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। विभाग ने एक व्हाट्सएप नंबर 8756128434 भी जारी किया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति नशीली दवाओं के अवैध भंडारण या बिक्री से संबंधित सूचना दे सकता है।
NDPS एक्ट के तहत बड़ी बरामदगी
विभाग ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कई जिलों में बड़ी कार्रवाई की है। लखीमपुर खीरी में 14 अक्टूबर को पीयूष मेडिकल एजेंसी के मालिक के घर से 68 लाख रुपये के ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद कर उसे गिरफ्तार किया गया। वहीं, 4 नवंबर को जिले की न्यू रॉय मेडिकल एजेंसी से 2 लाख रुपये की कोडीन युक्त सिरप की 1200 बोतलें जब्त की गईं।
इसके अलावा लखनऊ में 11 अक्टूबर को एक अवैध गोदाम से 3 लाख रुपये का Phensypik T Syrup जब्त कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। बहराइच में भी दो मेडिकल एजेंसियों से 30 हजार की अवैध दवाएं पकड़कर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
अवैध बिलिंग पर BNS के तहत एक्शन
इस अभियान में दवाओं की अवैध बिलिंग और भंडारण में गड़बड़ी करने वालों पर भी शिकंजा कसा गया है। जांच में M/s IDHIKA Lifesciences Pvt. Ltd. के बिलों में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद कई जिलों में एफआईआर दर्ज की गई हैं।
सीतापुर में नईमिश मेडिकल स्टोर और रायबरेली में अजय फार्मा के मालिकों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है। कानपुर नगर , उन्नाव में एफआईआर की गई। इसी तरह लखनऊ, सुल्तानपुर, बांदा और जालौन में भी कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
25 मेडिकल स्टोर पर बिक्री प्रतिबंधित
Drugs and Cosmetics Act, 1940 के तहत रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने पर कई जिलों में सख्त कदम उठाए गए हैं। लखनऊ, कानपुर नगर, रायबरेली, सीतापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, वाराणसी और कौशांबी के कुल 25 मेडिकल स्टोर्स पर कोडीनयुक्त और नशीली दवाओं की बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है।





