उत्तर प्रदेश में नवगठित मंत्रिमंडल के विस्तार के ठीक बाद राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जीवन पर आधारित फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ को प्रदेश में टैक्स फ्री करने की घोषणा की है। यह घोषणा लोकभवन में फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग देखने के उपरांत की गई, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, दोनों उपमुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फिल्म के सभी कलाकारों को सम्मानित भी किया।
फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ की विशेष स्क्रीनिंग का यह सुखद संयोग मंत्रिमंडल विस्तार के दिन ही हुआ, जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म भारतीय परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम प्रस्तुत करती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिल्म में पांच हजार वर्ष पुरानी घटनाओं को एक नए दृष्टिकोण और प्रभावशाली प्रस्तुति के साथ दर्शाया गया है, जिससे दर्शक भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके रहस्यमय व्यक्तित्व से गहराई से जुड़ पाएंगे।
फिल्म में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की नातिनी संस्कृति पटेल ने सत्यभामा का मुख्य किरदार निभाया है। मुख्यमंत्री ने बेटियों से कुछ मुफ्त न लेने की भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी भावना के तहत सरकार ने फिल्म को प्रदेश में टैक्स फ्री करने का निर्णय लिया है। उन्होंने जोर दिया कि यह फिल्म नई पीढ़ी तक भगवान कृष्ण के संदेशों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने का काम करेगी।
यूपी के सभी जिलों में फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूचना विभाग को यह भी निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी जिलों में फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की जाए। इसका उद्देश्य युवाओं को सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं से परिचित कराना है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपनी नातिनी संस्कृति पटेल सहित फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों और पूरी टीम के परिश्रम की सराहना की।
फिल्म में रिश्तों का अनूठा चित्रण
लगभग ढाई घंटे की यह फिल्म भगवान कृष्ण के राधा, रुक्मिणी, जामवंती और सत्यभामा के साथ संबंधों को एक अलग और अनूठे दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। फिल्म में सत्यभामा के माध्यम से भगवान कृष्ण के प्रेम की विविधता को भव्यता के साथ पर्दे पर उतारा गया है। राधा के प्रेम को समर्पण के प्रतीक के रूप में दिखाया गया है, जबकि रुक्मिणी के प्रेम को नियति का रूप दिया गया है। फिल्म में 16 हजार रानियों को नारी सम्मान और ईश्वर भक्ति के प्रतीक के रूप में चित्रित किया गया है, जो समाज में महिलाओं के महत्व और उनकी आध्यात्मिक भूमिका को रेखांकित करता है।
‘कृष्णावतारम्’ यह भी दर्शाती है कि नई पीढ़ी, अपने सवालों और संदेहों के बीच, किस प्रकार ईश्वर की सत्ता को स्वीकार करती है और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाती है। फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भारतीय पौराणिक कथाओं और आध्यात्मिक ज्ञान को समकालीन संदर्भ में प्रस्तुत करना है, जिससे युवा दर्शक अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकें। यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। फिल्म का टैक्स फ्री होना और प्रदेशव्यापी स्क्रीनिंग का आयोजन यह सुनिश्चित करेगा कि अधिक से अधिक लोग इस महत्वपूर्ण कृति को देख सकें और उससे प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
मा. राज्यपाल श्रीमती @anandibenpatel जी की गरिमामयी उपस्थिति में आज लखनऊ में मंत्रिमंडल के मा. सदस्यों के साथ योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण जी के दिव्य माहात्म्य पर आधारित हिंदी फिल्म कृष्णावतारम् की स्पेशल स्क्रीनिंग में सम्मिलित हुआ।
इस अवसर पर फिल्म से जुड़े कलाकारों को सम्मानित… pic.twitter.com/eU8w1u77or
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 10, 2026





