उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विधानसभा चुनावों से पहले अपने मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव किया है। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कैबिनेट का विस्तार करते हुए छह नए मंत्रियों को शपथ दिलाई है। इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही योगी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या अधिकतम 60 हो गई है, जो 403 सदस्यीय विधानसभा के लिए तय सीमा है।
लखनऊ स्थित जन भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने इन नए चेहरों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार में भूपेंद्र सिंह चौधरी और मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इन दोनों विधायकों ने राज्य की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के समक्ष कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
अजीत सिंह और सोमेंद्र तोमर स्वतंत्र बने प्रभार मंत्री
वहीं, अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर को राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में पदोन्नत किया गया है। यह दोनों नेता पहले योगी मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री के तौर पर कार्यरत थे। उनके इस प्रमोशन को सरकार के भीतर उनके प्रदर्शन और आगामी चुनावों के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चार अन्य नेताओं ने ली राज्य मंत्री की शपथ
इसके अतिरिक्त, चार अन्य नेताओं को राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है। इनमें कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा शामिल हैं। इन सभी नेताओं ने राज्यपाल के समक्ष राज्य मंत्री पद की शपथ ली। इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में पार्टी के कई बड़े नेता और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जो इस विस्तार की राजनीतिक अहमियत को दर्शाता है।
2027 चुनाव से पहले बीजेपी की रणनीतिक तैयारी तेज
इस मंत्रिमंडल विस्तार को अगले वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ चुनावी रणनीति का भी हिस्सा है। उत्तर प्रदेश की तरह ही, पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी हाल ही में इसी तरह का मंत्रिमंडल विस्तार देखने को मिला था, जहां मार्च में पांच मंत्रियों की नियुक्ति के साथ कुल 12 मंत्रियों का कोटा पूरा किया गया था। यह दोनों राज्य 2027 में विधानसभा चुनावों का सामना करेंगे।
शनिवार को योगी ने की थी राज्यपाल से मुलाकात
इस विस्तार से एक दिन पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से लखनऊ के जन भवन में शिष्टाचार भेंट की थी। इस मुलाकात के बाद ही मंत्रिपरिषद विस्तार की अटकलें तेज हो गई थीं और यह खबर लगभग पक्की मानी जा रही थी। जन भवन की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को श्री लालचंद राम द्वारा लिखित पुस्तक “भारतीय ज्ञान परंपरा अवधारणा” भी भेंट की थी।
शपथ ग्रहण के बाद, नए मंत्रियों ने अपनी प्रतिक्रियाएं भी दीं। राज्य मंत्री कृष्णा पासवान ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री और संगठन के लोग मुझे जो भी जिम्मेदारियां देंगे, मैं उन्हें पूरी निष्ठा के साथ निभाऊंगी।” इसी तरह, राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। बीजेपी सरकार, प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुझे जो जिम्मेदारी दी है, मैं उसे ठीक से निभाने की पूरी कोशिश करूंगा।”
यह विस्तार योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बड़ा मंत्रिमंडल फेरबदल है, जिसे 2027 के महासमर से पहले संगठन और सरकार के बीच समन्वय और चुनावी तैयारियों को नई धार देने के रूप में देखा जा रहा है।






