NEET परीक्षा को लेकर सतर्क उत्तर प्रदेश सरकार, रेलवे और बस स्टेशन पर तैनात किया जाएगा अतिरिक्त पुलिस बल

नीट यूजी री एग्जाम को लेकर उत्तर प्रदेश प्रशासन सख्त है। अभ्यर्थियों की सुरक्षा से लेकर परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए प्लानिंग बना ली गई है।
Uttar Pradesh

नीट यूजी परीक्षा को लेकर इस बार सभी प्रदेशों की सरकार सख्त नजर आ रही है। एक बार यह परीक्षा रद्द करवाई जा चुकी है और दूसरी बार इसका आयोजन किया जा रहा है। 21 जून को देश भर के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा का आयोजन होगा।

उत्तर प्रदेश के 59 जिलों में अभ्यर्थी ये परीक्षा देने वाले हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए रेलवे और बस स्टेशन पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाने का फैसला लिया गया है। इसके साथ परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति भी की जाएगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने परीक्षा और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान ही निर्देश दिए हैं।

छात्रों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा

नीट परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार ट्रेन से यात्रा कर अपने गंतव्य तक जाते हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों की सुरक्षा में कोई चूक न हो इस बात का ध्यान रखते हुए स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जाने वाला है।

मूलभू सुविधाओं की उपलब्धता

परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को पेयजल, शौचालय, विद्युत आपूर्ति, साफ सफाई, मेडिकल टीम जैसी मूलभूत सुविधाएं तुरंत उपलब्ध हो सके इस बात पर विशेष जोर दिया गया। अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र तक तय समय पर पहुंच सकें इसके लिए यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले यह निर्देश जारी कर चुके हैं। इनमें शिथिलता होने पर काफी कार्रवाई की बात भी कही गई है।

इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा

मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए जिला अधिकारियों से 50 से 100 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर एमएसएमई विभाग को उपलब्ध कराने को कहा है। यहां सामुदायिक केंद्र, रोजगार भव, कौशल विकास केंद्र, ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर, जिला उद्योग केंद्र, फायर स्टेशन, हेल्थ सेंटर प्लग एंड प्ले सुविधा और अन्य आधुनिक अधोसंरचनाओं का विकास किया जाएगा। इसके लिए राज्य को नौ क्षेत्रीय जोन में विभाजित किया गया है।

शिकायतों का फीडबैक और आयुष्मान कार्ड

जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें प्रतिदिन 10 शिकायतों का फीडबैक प्राप्त करना है। असंतोष फीडबैक वाले प्रकरणों और बिना ठोस कारण बंद की गई शिकायतों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ई केवाईसी में नाम की त्रुटि ठीक की जा सके इसके लिए डाटा कलेक्शन पोर्टल भी विकसित किया जाएगा।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews