लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे को पहले ही दिन बड़ी सफलता मिली है। निवेशकों के साथ आधिकारिक बैठकों के दौरान राज्य सरकार ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ कुल 19,877 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों से जुड़े समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह निवेश राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा और शहरी विकास को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी निवेशकों को आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश सरकार एक पारदर्शी नीतिगत ढांचा, त्वरित स्वीकृतियां और विश्व स्तरीय बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन समझौतों से प्रदेश में हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
किन क्षेत्रों में होगा हजारों करोड़ का निवेश?
सिंगापुर में हुए इन समझौतों में सबसे बड़ा निवेश डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए किया गया है। गोल्डन स्टेट कैपिटल (GSC) ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर बनाने के लिए 8,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह कदम राज्य को भारत के एक प्रमुख डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
इसके अलावा, यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक पार्क और डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए 6,650 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इस निवेश से शहरीकरण, औद्योगिक परिवहन और डिजिटल सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को भी इस दौरे से बड़ा आवेग मिला है। प्राइवेट इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ग्रुप (PIDG) ने ग्रीन हाइड्रोजन, कृषि सह सोलर (एग्री-पीवी) और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में 2,500 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया है। वहीं, एवीपीएन लिमिटेड ने भी इसी क्षेत्र में 2,727 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे प्रदेश के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को पाने में मदद मिलेगी।
निवेश के साथ कौशल विकास पर भी फोकस
आर्थिक निवेश के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। राज्य सरकार ने तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (TVET) प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए सिंगापुर की प्रतिष्ठित संस्था आईटीई एजुकेशन सर्विसेज (ITEES) के साथ एक महत्वपूर्ण सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी के तहत, ITEES उत्तर प्रदेश में शैक्षणिक विकास, बुनियादी ढांचे के उन्नयन, नेतृत्व क्षमता निर्माण और क्वालिटी एश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में तकनीकी और परामर्श सेवाएं प्रदान करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश की कौशल व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है ताकि उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन मिल सके।






