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Sat, Jan 10, 2026

हरिद्वार में बन रही थी बिना अनुमति की बड़ी मस्जिद, सीएम धामी ने दिया निर्माण रुकवाने का आदेश

Written by:Vijay Choudhary
Published:
हरिद्वार में बन रही थी बिना अनुमति की बड़ी मस्जिद, सीएम धामी ने दिया निर्माण रुकवाने का आदेश

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हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव में राज्य की सबसे बड़ी मस्जिद बनाने का निर्माण कार्य चोरी-छिपे चल रहा था। इस मस्जिद की मीनारों की ऊंचाई करीब 250 फीट तक पहुंच चुकी थी, जो लगभग एफिल टॉवर की ऊंचाई के बराबर बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, न तो इस निर्माण के लिए कोई सरकारी अनुमति ली गई थी और न ही कोई नक्शा पास कराया गया था। इसके बावजूद पत्थर लगाने और ऊंचाई बढ़ाने का काम तेजी से जारी था। यह मामला जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तुरंत निर्माण कार्य पर रोक लगाने के आदेश दिए।

सीएम धामी ने मांगी पूरी रिपोर्ट, जांच के आदेश

मुख्यमंत्री ने इस मस्जिद से जुड़ी भूमि के दस्तावेजों और निर्माण अनुमति की जांच के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को मौके पर भेजा और मस्जिद निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की रिपोर्ट तलब की।

जिलाधिकारी के मौके पर पहुंचते ही निर्माण कार्य तत्काल रोक दिया गया और मस्जिद निर्माण समिति को नोटिस जारी किया गया है। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद प्रशासन तेजी से हर पहलू की कानूनी पड़ताल कर रहा है।

ना नक्शा पास, ना जमीन के कागज फिर भी बन रही थी मस्जिद

प्रशासन का कहना है कि मस्जिद निर्माण के लिए कोई नक्शा पास नहीं कराया गया था, न ही जमीन के कागजात संबंधित विभाग में जमा थे। ऐसे में यह निर्माण पूरी तरह से अवैध माना जा रहा है। बिना किसी मंजूरी के इतने बड़े स्तर का निर्माण कार्य प्रशासन के लिए भी हैरानी का विषय बन गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस मस्जिद को प्रदेश की सबसे बड़ी मस्जिद बताया जा रहा है, जिसकी ऊंचाई और संरचना अत्यधिक विशाल है।

संत समाज ने जताई नाराजगी, धर्मनगरी की गरिमा पर सवाल

हरिद्वार को धर्मनगरी के नाम से जाना जाता है, जहां लाखों श्रद्धालु धार्मिक आस्था के साथ आते हैं। ऐसे में बिना अनुमति और नियमों के उल्लंघन करते हुए बन रहे धार्मिक स्थलों पर संत समाज ने नाराजगी जताई है।

संतों का कहना है कि हरिद्वार की धार्मिक पहचान को किसी भी हाल में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना है कि इस तरह के अवैध निर्माण अगर समय पर रोके नहीं गए, तो भविष्य में बड़े विवाद की स्थिति बन सकती है।

क्या होगा आगे? अब कानूनी कार्रवाई पर नजर

अब जब मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आ चुका है, तो अगला कदम जांच रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा। अगर निर्माण अवैध पाया गया, तो डेमोलिशन (ढहाने) की प्रक्रिया भी हो सकती है।

प्रशासन फिलहाल पूरी सतर्कता के साथ दस्तावेजों की जांच कर रहा है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश में है कि कानून के दायरे में रहकर ही कोई भी धार्मिक निर्माण हो।