बीजेपी विधायक बिशन सिंह चुफाल ने अपनी ही सरकार को घेरा, दर्जाधारी मंत्री को बताया अयोग्य

बीजेपी विधायक बिशन सिंह चुफाल ने अपनी ही सरकार को घेरा, दर्जाधारी मंत्री को बताया अयोग्य

उत्तराखंड में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर आंतरिक कलह उजागर हो गई है। पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट से विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने दर्जाधारी मंत्री हेमराज बिष्ट पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें “अयोग्य” करार दिया और उनके पद से हटाने की मांग कर डाली।

चुफाल बोले- अयोग्य लोगों को दिए जा रहे हैं जिम्मेदार पद

बीजेपी विधायक बिशन सिंह चुफाल का आरोप है कि सरकार और संगठन द्वारा ऐसे लोगों को दायित्व दिए जा रहे हैं जो न केवल अयोग्य हैं बल्कि विधायकों के कार्यों में भी हस्तक्षेप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र में दायित्वधारी मंत्री जनता के कार्यों में बाधा बन रहे हैं और योजनाओं को सही ढंग से लागू नहीं होने दे रहे हैं। यह न सिर्फ विकास कार्यों में रुकावट है बल्कि विधायक की भूमिका को भी कमजोर करने का प्रयास है।

दर्जाधारी मंत्री पर लगाया फाइल गायब करने का आरोप

विधायक चुफाल ने खुलासा किया कि उन्होंने कुछ गरीब मरीजों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता की सिफारिश की थी। जब वे खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने पहुंचे, तो वहां के स्टाफ से पता चला कि वह फाइल दर्जाधारी मंत्री हेमराज बिष्ट ले गए हैं। चुफाल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि एक मंत्री का इस तरह विधायक के कार्यों में हस्तक्षेप करना अस्वीकार्य है।

हेमराज बिष्ट ने दी सफाई, कहा- सभी आरोप निराधार

विधायक के आरोपों पर जवाब देते हुए राज्यमंत्री हेमराज बिष्ट ने हरिद्वार से एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि बिशन सिंह चुफाल उनके सम्माननीय नेता हैं, लेकिन उनके लगाए गए सभी आरोप झूठे और निराधार हैं। उन्होंने खुद को पार्टी का पुराना और ईमानदार कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि अगर गरीब परिवार से आया व्यक्ति अयोग्य है, तो यह राजनीति का दुर्भाग्य है। बिष्ट ने भावुक होते हुए कहा कि वे 28 वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे हैं और पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा रखते हैं।

सीएम के गृह क्षेत्र में उठा विवाद, सियासी गलियारों में हलचल

डीडीहाट वही क्षेत्र है जहां से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संबंध है, ऐसे में इस तरह की बयानबाजी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। खासकर तब जब राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार सार्वजनिक रूप से बयान दे रहे हैं, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान हो रहा है। यह विवाद भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें विधायक मुन्ना सिंह चौहान, अरविंद पांडे और त्रिवेंद्र सिंह रावत जैसे नेता पहले ही सरकार पर सवाल उठा चुके हैं।

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