पौड़ी के बेटियों ने हॉलैंड से आए लिलियम फूलों, लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी

पौड़ी के बेटियों ने हॉलैंड से आए लिलियम फूलों,  लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी

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उत्तराखंड की पौड़ी गढ़वाल ज़िले के कोट ब्लॉक में महिलाओं ने एक नई दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल “आत्मनिर्भर उत्तराखंड” को विराट रूप देने वाली यह पहल अब असली ज़मीन पर उतरकर साकार हो रही है। यहां की महिलाओं ने महज़ फूलों के जरिए अपनी आर्थिक दशा में बदलाव की कहानी लिखना शुरू कर दिया है। इस परियोजना के तहत 22 पॉलीहाउस बनाए गए हैं। इन्हें तैयार करने में हार्टिकल्चर विभाग, ग्रामोथन परियोजना और NHLM ने मिलकर काम किया है।

शुरुआती चरण में आठ पॉलीहाउस में महिलाओं ने “ओरिएंटल” और “डैशिंग स्टार” किस्म के लिलियम के बल्ब लगाए, जो कि हॉलैंड से आयातित हैं। सरकार की ओर से इन योजनाओं के लिए जिले की योजना के तहत 50% अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा, उत्पादन से लेकर मार्केटिंग और खरीदारी तक पूरा सहयोग दिया जा रहा है। फूलों की कीमतें तीन श्रेणियों में तय की गई हैं:

* A-ग्रेड: ₹80 प्रति तना
* B-ग्रेड: ₹70 प्रति तना
* C-ग्रेड: ₹60 प्रति तना

महिलाओं का लक्ष्य है-1 करोड़ रुपए तक सालाना आमदनी अर्जित करना।

सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री धामी ने इस पहल को सिर्फ आर्थिक मदद से अधिक बताया है। उनका कहना है कि यह अभियान महिलाओं के आर्थिक आत्म विश्वास को बढ़ा रहा है, साथ ही नवाचार आधारित खेती और महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा, “हमारी सरकार हर बेटी को आत्मनिर्भर बनाने की दृढ़ प्रतिज्ञा पर खड़ी है। पौड़ी की यह खुशबू पूरे उत्तराखंड की पहचान बनेगी।”

पौड़ी से आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर

यह परियोजना न केवल महिला किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि फूल-कृषि को अत्याधुनिक, लाभप्रद और सतत स्वरूप में बदलने की ओर अग्रसर कर रही है। यह पहल सौंदर्य, अर्थव्यवस्था और समाज के तीनों पक्षों में बदलाव का प्रतीक बन रही है। उद्यान विभाग और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के प्रयासों से 22 पॉलीहाउस बनाए गए हैं जिसमें महिलाओं को 50% अनुदान मिला है। लिलियम फूलों की खेती से महिलाएं सालाना 10 लाख रुपये तक कमा सकती हैं जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।

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