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उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट बैठक में कई ऐतिहासिक और जनहितैषी निर्णय लिए हैं। इन फैसलों का सीधा लाभ प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, भूतपूर्व सैनिकों, अपराध पीड़ितों और गवाहों को मिलेगा। रोजगार, न्याय व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ये योजनाएं लागू की गई हैं। आइए, जानते हैं विस्तार से इन चार मुख्य फैसलों के बारे में..
युवाओं और महिलाओं के लिए नई रोजगार नीति
राज्य सरकार ने युवाओं, महिलाओं और भूतपूर्व सैनिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अलग-अलग रोजगार नीतियों को मंज़ूरी दी है। इसके तहत प्रतियोगी परीक्षाओं, नर्सिंग, विदेशी भाषाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। बड़े स्तर पर युवा महोत्सव और रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा ITI, पॉलिटेक्निक और स्कूलों के बीच समन्वय से व्यावसायिक शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार मधुमक्खी पालन, एप्पल मिशन और बागवानी जैसी गतिविधियों में युवाओं को प्रशिक्षित करेगी। हर ब्लॉक में 200 लोगों को शुरुआती प्रशिक्षण दिया जाएगा। कृषि विभाग और ITDP के बीच एमओयू के माध्यम से स्थानीय उत्पादों की खरीद को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों और उत्पादकों को सीधा लाभ होगा।
अपराध पीड़ित सहायता योजना 2025
कैबिनेट ने उत्तराखंड अपराध पीड़ित सहायता संशोधन योजना 2025 को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत अब पार्कों में होने वाले अपराधों के पीड़ितों को स्पष्ट और समयबद्ध सहायता मिलेगी।
पहले की योजना में पीड़ितों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं थे, जिससे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब नई योजना के तहत न्यूनतम और अधिकतम क्षतिपूर्ति राशि को स्पष्ट रूप से तय किया गया है, जिससे पीड़ितों को बेहतर न्याय और सहायता मिल सकेगी।
साक्षी संरक्षण योजना 2025
गवाहों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने उत्तराखंड साक्षी संरक्षण योजना 2025 को मंजूरी दी है। यह योजना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS) की धारा 398 के अंतर्गत लाई गई है।
इस योजना के अंतर्गत गवाहों को पहचान गोपनीयता, स्थान परिवर्तन, संपर्क विवरण में बदलाव, भौतिक सुरक्षा और वित्तीय सहायता जैसे सुरक्षा उपाय मिलेंगे। एक राज्य स्तरीय साक्षी संरक्षण समिति भी गठित की गई है, जिसमें न्यायपालिका, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति गवाहों की सुरक्षा आवश्यकता का मूल्यांकन कर उचित कदम उठाएगी।
स्वच्छता और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार ने स्वच्छ चक्रवर्ती योजना को प्रारंभ करने का भी निर्णय लिया है, जिससे सफाई और पर्यावरण के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही, स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग और ITDP के बीच समझौते किए गए हैं। इसी तरह सुरक्षा बलों के साथ समन्वय स्थापित कर भूतपूर्व सैनिकों को भी इन योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
