जन-जन की सरकार कार्यक्रम: 581 शिविरों के माध्यम से उत्तराखंड के 4.59 लाख नागरिकों को सीधा लाभ, समस्याओं का तत्काल समाधान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित जन-जन की सरकार कार्यक्रम ने राज्य में नई मिसाल कायम की है। अब तक 13 जनपदों में 581 शिविरों में 4.59 लाख से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला, जबकि 30,509 शिकायतों का त्वरित निस्तारण हुआ।
जन-जन की सरकार कार्यक्रम: 581 शिविरों के माध्यम से उत्तराखंड के 4.59 लाख नागरिकों को सीधा लाभ, समस्याओं का तत्काल समाधान

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन और त्वरित सेवा वितरण का नया मानक स्थापित कर रहा है। यह कार्यक्रम सरकार को सीधे जनता के दरवाजे तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने में कारगर साबित हुआ है।

राज्य के सभी 13 जनपदों में अब तक कुल 581 शिविरों का आयोजन किया जा चुका है, जहां 4,59,719 नागरिकों ने भागीदारी कर विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। आज 7 नए स्थानों पर आयोजित शिविरों में 3,929 लोगों ने हिस्सा लिया।

शिकायत निस्तारण में उल्लेखनीय प्रगति

इन शिविरों के माध्यम से जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। अब तक कुल 44,602 शिकायतें और प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 30,509 शिकायतों का निस्तारण पूर्ण किया जा चुका है। यह आंकड़ा प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्यकुशलता को प्रदर्शित करता है।

शिविरों में नागरिकों को घर बैठे सेवाएं प्रदान करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों हेतु 65,092 आवेदन पत्र स्वीकार किए गए। इससे आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से मुक्ति मिली है।

2.55 लाख से अधिक को योजनाओं का लाभ

समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर 2,55,563 से अधिक व्यक्तियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित किया गया। यह संख्या कार्यक्रम की व्यापक पहुंच और प्रभावशीलता को दर्शाती है।

जनपदवार आंकड़े बताते हैं कि हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, देहरादून, अल्मोड़ा, पौड़ी और पिथौरागढ़ सहित अन्य पर्वतीय एवं मैदानी जिलों में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साहपूर्ण सहभागिता देखी गई है। विशेष रूप से हरिद्वार जनपद में 1,00,911 नागरिकों की भागीदारी इस पहल की लोकप्रियता को स्पष्ट करती है।

प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिविरों में प्राप्त शिकायतों और आवेदनों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उनका मानना है कि इससे जनता का सरकार पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा तथा पारदर्शी शासन व्यवस्था स्थापित होगी।

यह कार्यक्रम न केवल सेवाओं के त्वरित वितरण को सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को भी कम कर रहा है। नागरिकों को घर बैठे सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलना सुशासन की एक मजबूत पहल है।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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