मनसा देवी की पहाड़ी से गिरे मलबे-चट्टान, भीमगोड़ा रेलवे ट्रैक बंद होने से यहां-वहां रोक दी गईं ट्रेनें!

मनसा देवी की पहाड़ी से गिरे मलबे-चट्टान, भीमगोड़ा रेलवे ट्रैक बंद होने से यहां-वहां रोक दी गईं ट्रेनें!

हरिद्वार में भारी बारिश के बीच सोमवार की सुबह मनसा देवी पहाड़ी से बड़ा हिस्सा ढह गया। चट्टान और मलबा गिरने से भीमगोड़ा रेलवे ट्रैक पूरी तरह बंद हो गया। इस वजह से यात्रियों को काफी परेशान हो का सामना करना पड़ा, क्योंकि ट्रेनों की आवाजाही रुक गई है। मानसून की सक्रियता भले कम हुई हो, लेकिन पहाड़ों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार हो रही हैं। यह समस्या सिर्फ पर्वतीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही, मैदानी इलाकों में भी मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। लोग दहशत में हैं और प्रशासन ट्रैक साफ करने में जुटा है।


ट्रैक पर गिरा मलबा, रेल सेवा ठप

सुबह काली मंदिर के पास मनसा देवी पहाड़ी का बड़ा हिस्सा गिर पड़ा। इससे भीमगोड़ा रेलवे ट्रैक पर मलबा फैल गया और देहरादून-हरिद्वार रेल मार्ग बाधित हो गया। चट्टानों और मिट्टी के साथ ट्रैक पर लगे लोहे के सुरक्षा जाल भी क्षतिग्रस्त हो गए। पिछले कुछ दिनों में इसी जगह भूस्खलन की वजह से रेलवे ट्रैक पहले भी बंद हो चुका है। अब दोबारा मलबा गिरने से ट्रेनों का संचालन रुक गया है। यात्रियों को कई जगहों पर रोका गया है और उन्हें सफर में असुविधा झेलनी पड़ रही है।


राहत कार्य शुरू, पर मुश्किलें बरकरार

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे की टीमें मौके पर पहुंच गईं। ट्रैक पर जमा मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों का आकलन करने का काम शुरू कर दिया गया है। फिलहाल रेल सेवा पूरी तरह ठप है और कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया है। मलबा हटाने और ट्रैक दुरुस्त करने में समय लगेगा। अधिकारियों का कहना है कि दो-तीन दिनों तक सेवाएं बाधित रह सकती हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।


दहशत में लोग, मरम्मत का काम जारी

इस क्षेत्र में दोबारा भूस्खलन होने से लोगों में डर का माहौल है। मानसून के दौरान पहाड़ों में पानी रिसने और कंपन की वजह से मिट्टी ढीली हो जाती है, जिससे भूस्खलन की घटनाएं बार-बार हो रही हैं। पहले भी इसी जगह ट्रैक बंद हो चुका था। अब रेलवे विभाग ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया है, लेकिन पूरी तरह ट्रैक ठीक होने में समय लगेगा। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक की मरम्मत के बाद ही ट्रेनों का संचालन बहाल किया जाएगा।

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