
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को दून विश्वविद्यालय में आयोजित ‘प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन’ का उद्घाटन किया। राज्य स्थापना के 25 साल पूरे होने के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखंडियों को देवभूमि का सच्चा ब्रांड एम्बेसडर बताया और उनसे राज्य के विकास में सक्रिय भागीदार बनने की अपील की। कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश में हालिया आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट के मौन के साथ हुई।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दुनिया भर में बसे प्रवासी उत्तराखंडी अपनी संस्कृति, परंपराओं और मिट्टी की सुगंध को साथ लेकर चलते हैं। उन्होंने कहा, “प्रवासी उत्तराखंडी जहां भी रहते हैं, अपने साथ देवभूमि की संस्कृति और अपनी मिट्टी की सुगंध लेकर चलते हैं। वे देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंड परिषद का गठन इसी उद्देश्य से किया गया है ताकि उनके सुझावों और अनुभवों को राज्य के विकास की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके।
‘विकास भी, विरासत भी’ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने ‘विकसित भारत, विकसित उत्तराखंड’ के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि स्वर्ण जयंती वर्ष तक उत्तराखंड हर युवा को सम्मानजनक रोजगार देने वाला, पलायन मुक्त और प्रवासियों की गौरवपूर्ण वापसी वाला राज्य बने।
उन्होंने राज्य की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि सतत विकास लक्ष्यों में उत्तराखंड को नीति आयोग की रैंकिंग में देश में पहला स्थान मिला है। इसके अलावा ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में ‘एचीवर्स’ और ‘स्टार्टअप रैंकिंग’ में ‘लीडर्स’ श्रेणी हासिल करना राज्य के सुनियोजित प्रयासों का नतीजा है।
भ्रष्टाचार और नकल पर जीरो टॉलरेंस
सीएम धामी ने अपनी सरकार की नीतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पिछले चार सालों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकल-विरोधी कानून लागू है, जिसके परिणामस्वरूप 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
हमारी देवभूमि का रहस्य और विरासत ईमानदारी तथा परिश्रम में निहित है। इसी के कारण उत्तराखंड का व्यक्ति देश-विदेश में अपनी प्रतिभा और कर्मठता से कार्य करता है। – भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री
प्रवासी हस्तियों ने रखे अपने विचार
इस अवसर पर कई प्रवासी हस्तियों ने भी अपने विचार साझा किए। पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों की पहचान उनकी ईमानदारी और कर्मठता है। फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने बताया कि उन्होंने रुद्रप्रयाग में अपने पैतृक गांव को गोद लिया है और अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने भावुक होते हुए कहा, “पहाड़ की ठंडी हवा में माँ की ममता बसती है। उत्तराखंड हमारी आस्था, परिश्रम और संस्कारों की भूमि है।” वहीं, भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय में निदेशक पूर्णेश गुरूरानी ने राज्य में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग सेंटर और टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का सुझाव दिया। इस दौरान अन्य प्रवासियों ने भी राज्य के विकास के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

