
उत्तराखंड (Uttarakhand) 9 नवंबर को अपनी स्थापना के 25 साल पूरे होने पर रजत जयंती मना रहा है। जिसको लेकर राज्य में तैयारियां चल रही हैं। सभी सरकारी भवनों को लाइटों से जगमग किया जा रहा है। इससे पूर्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे हैं। यहां उन्होंने सोमवार को उत्तराखंड विधानसभा (Uttarakhand Assembly) में विशेष सत्र को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने 25 मिनट तक अपना संबोधन दिया।
राष्ट्रप्रति द्रौपदी मुर्मू ने विशेष सत्र को संबोधित करते हुए सबसे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश और विश्व के लिए बहुत खुशी का दिन है, क्योंकि आज हमारी बेटियों ने पूरे विश्व को एक संदेश दिया है कि हम किसी से कम नहीं हैं। यहां के युवा ऊर्जावान हैं और महिलाएं भी पीछे नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि कई जनसेवकों ने अनेक योगदान दिए हैं। जो हमारे बीच नहीं है उन्हें मैं नमन करती हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में उत्तराखंड नंबर वन प्रदेश बने इसके लिए सरकार को योजनाएं तैयार करनी चाहिए। जनप्रतिनिधि जनता समस्याओं के समाधान और विकास के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करें।
महिला सशक्तिकरण पर राष्ट्रपति का बयान
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण पर बात की। उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि राज्य में साक्षरता दर बढ़ी है। महिलाओं की शिक्षा में विस्तार हुआ है, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है और स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मैं विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करती हूं। उत्तराखंड विधानसभा ने ऋतु खंडूरी भूषण को राज्य की पहली महिला अध्यक्ष नियुक्त करके अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाई है।
इससे पहले 18 मई, 2015 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विशेष सत्र को संबोधित किया था। फिलहाल सदन की कार्यवाही शाम 4 बजे तक स्थगित कर दी गई है। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर आयोजित इस विशेष सत्र में में राष्ट्रपति के साथ विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी और राज्यपाल रिटार्यड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह मौजूद रहे।
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