उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदू नववर्ष पर पंचांग कैलेंडर का किया विमोचन, इसे सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की पहल बताया

हिंदू नववर्ष के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पंचांग कैलेंडर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
Pushkar Singh Dhami

देहरादून: हिंदू नववर्ष के शुभ अवसर पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को सहेजने की दिशा में एक नई पहल की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा तैयार किए गए विशेष पंचांग कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने इस कैलेंडर को राज्य की गौरवशाली विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बताया।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी सनातन परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए विश्व में एक विशिष्ट पहचान रखता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यहां की परंपराएं केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि जीवनशैली और सामाजिक चेतना का एक अभिन्न अंग हैं।

संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव का माध्यम

इस पंचांग कैलेंडर को राज्य की संस्कृति को संरक्षित करने के एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में देखा जा रहा है। सीएम धामी के अनुसार, यह कैलेंडर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

“यह पंचांग कैलेंडर राज्यवासियों को न केवल तिथि, वार, पक्ष, मास, पर्व एवं विशेष दिवसों की सटीक जानकारी प्रदान करेगा, बल्कि पारंपरिक त्योहारों, व्रतों और धार्मिक आयोजनों की महत्ता से भी अवगत कराएगा। इससे लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं के साथ और अधिक गहराई से जुड़ने का अवसर मिलेगा।”- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रकाशन लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा और उन्हें राज्य की परंपराओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा।

देवभूमि के आस्था स्थलों पर विशेष फोकस

इस कैलेंडर की एक खास बात यह भी है कि इसमें देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक एवं आस्था स्थलों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ये स्थल केवल श्रद्धा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत के जीवंत प्रतीक भी हैं।

इस प्रकार, यह कैलेंडर सिर्फ तिथियों की जानकारी देने वाला एक दस्तावेज न होकर, उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करने वाला एक प्रेरणादायक संकलन भी बन गया है। मुख्यमंत्री ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह कैलेंडर हर नागरिक के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने भविष्य में इसे और अधिक व्यापक स्वरूप में प्रस्तुत करने का सुझाव भी दिया।

इस विमोचन कार्यक्रम के अवसर पर सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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