उत्तराखंड न्यूज़: प्रधानमंत्री पोषण योजना में तीन करोड़ से अधिक का गबन, एसआईटी को सौंपी गई जांच!

उत्तराखंड न्यूज़: प्रधानमंत्री पोषण योजना में तीन करोड़ से अधिक का गबन, एसआईटी को सौंपी गई जांच!

उत्तराखंड में प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत तीन करोड़ से ज्यादा रुपये के गबन का मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और अब इस पूरे घोटाले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जांच के लिए मंजूरी दे दी है। इस मामले में छह जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक सहित कुछ अन्य अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं। लापरवाही उजागर होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग रोक सके।


गबन की जांच और लापरवाही का खुलासा

जांच में पाया गया कि देहरादून में पीएम पोषण प्रकोष्ठ में तीन करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक का सरकारी धन गबन हुआ है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि तत्कालीन अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है। अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल मंडल की अध्यक्षता में जांच कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी गई है। रिपोर्ट में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। अब एसआईटी प्रकरण की तह तक जाकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी, ताकि सरकारी धन की रक्षा की जा सके।


छह डीईओ और अन्य अधिकारी जांच के घेरे में

जांच में डीईओ बेसिक देहरादून के कार्यालय में कार्यरत उपनल कर्मचारी को दोषी पाया गया है। इसके अलावा छह जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक और वित्त व लेखाधिकारी भी जांच के दायरे में हैं। आरोप है कि बिना जांच के पीएम पोषण योजना के खातों से ऑनलाइन अवैध तरीके से राशि का अंतरण किया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ उत्तराखंड सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए गोपनीय काम जिम्मेदार स्थाई कर्मचारियों को सौंपे जाएंगे।


कड़ी कार्रवाई और भविष्य की योजना

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि भविष्य में पोषण योजना जैसे मामलों में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए वित्तीय कार्यों को केवल सक्षम और स्थायी कर्मचारियों को सौंपा जाएगा। एसआईटी द्वारा की जा रही जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शिक्षा विभाग को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी धन की सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखें। इससे सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और आम जनता का भरोसा कायम रहेगा।

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