उत्तराखंड में अब घर बैठे मोबाइल पर मिलेगी खसरा-खतौनी, मुख्यमंत्री धामी ने राजस्व विभाग के 6 नए वेब पोर्टल का किया शुभारंभ

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्व परिषद द्वारा विकसित राजस्व विभाग के विभागीय कार्यों के 6 वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। अब राज्य के नागरिक घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से खसरा-खतौनी और अन्य राजस्व सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे।
Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार, 10 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री आवास में राजस्व परिषद द्वारा विकसित राजस्व विभाग के विभागीय कार्यों के 6 वेब पोर्टल ई-भूलेख (अपडेटेड वर्जन), भू-नक्शा, भूलेख अंश, भू-अनुमति, एग्री लोन एवं ई-वसूली (ई-आरसीएस) पोर्टल का शुभारंभ किया।

इन पोर्टल की सहायता से अब राज्य के नागरिक घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से खसरा-खतौनी और अन्य राजस्व सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुड गवर्नेंस के विजन के अनुरूप विज्ञान, आईटी और एआई के माध्यम से आमजन को बेहतर सुविधा प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। डिजिटल इंडिया के अंतर्गत राजस्व सेवाओं का ऑनलाइन होना पारदर्शिता बढ़ाएगा और नागरिक घर बैठे सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह पहल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ ईज ऑफ लिविंग को भी सशक्त करेगी।

राजस्व विभाग के 6 वेब पोर्टल से क्या होगा फायदा?

ई-भूलेख पोर्टल- इस पोर्टल की सहायता से अब खतौनी की सत्यापित प्रति (वेरिफाइड कॉपी) ऑनलाइन भुगतान कर घर बैठे प्राप्त की जा सकेगी। इसके लिए अब तहसीली के चक्कर नहीं काटने होंगे।

भूलेख अंश पोर्टल- इस पोर्टल की मदद से अब संयुक्त खातेदारों के अलग-अलग अंश का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे किसानों की ‘फार्मर रजिस्ट्री’ बनाने में मदद मिलेगी।

भू-अनुमति पोर्टल- इस पोर्टल के माध्यम से उद्योगों और कृषि उद्देश्यों के लिए भूमि उपयोग की अनुमति लेने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है।

भू-नक्शा पोर्टल- इस पोर्टल के माध्यम से अब राज्य के मानचित्रों (कैडस्ट्रल मैप) को कोई भी व्यक्ति निःशुल्क देख सकेगा।

एग्री लोन पोर्टल- यह पोर्टल किसानों के लिए बेहद ही मददगार साबित होगा। इसके माध्यम से बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और कर्ज चुकाने के बाद बैंक के NOC जारी करते ही भूमि से ‘चार्ज’ अपने आप हट जाएगा।

ई-वसूली पोर्टल- इस पोर्टल के माध्यम से राजस्व वसूली की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और बैंक या अन्य विभाग अपने बकायेदारों के मामले ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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