पूर्व विधायक के घर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तल्ख लहजे किसे दी सीख, देखें वीडियो

ज्योतिरादित्य सिंधिया

भिण्ड, गणेश भारद्वाज। राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Rajya Sabha MP Jyotiraditya Scindia)  ग्वालियर-चंबल अंचल (Gwalior-Chambal Zone) के अपने चार दिवसीय दौरे के दूसरे दिन आज भिण्ड पहुंचे । यहां वे भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह (Former MLA Narendra Singh Kushwaha) के निवास पर जैसे ही पहुंचे कार्यकर्ताओं की जमकर भीड़ उमड़ पड़ी। इतना ही नहीं कार्यकर्ता महाराज के पीछे जब मकान के अंदर द्वितीय तल पर जाने लगे तो इससे नाराज होकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने न केवल कार्यकर्ताओं को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का संदेश दिया बल्कि तल्ख लहजे में अनुशासन में रहने की सीख भी दे दी।

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ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस रवैए के बाद कार्यकर्ता और समर्थक ठिठक गए और वही रुक गए।  सिंधिया कोरोना काल के दौरान निधन हुए लोगों के यहां श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। उन्होंने भिंड में आरएसएस संघ चालक स्वर्गीय सुरेश जैन, भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह , खनिज विकास निगम के पूर्व चेयरमैन कोक सिंह नरवरिया मेहगांव मंडी अध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया, भारत विकास परिषद के SP एसबी शर्मा, पत्रकार राम शंकर शर्मा व संघ स्वयंसेवक श्री ऋषीश्वर के यहां पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वह कोविड गाइडलाइंस का पालन कराने और भीड़ ना जुटाने के निर्देश भी देते रहे।

दरअसल, कोरोना लॉक डाउन के दौरान कई लोगों का निधन हो गया, जिनमें कई प्रॉमिनेंट लोग भी शामिल रहे। ऐसे में लॉक डाउन में ढील मिलते ही पूर्व केंद्रीय मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा और आरएसएस के साथ ही अन्य आधा दर्जन लोगों के यहां श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। मेहगांव में स्व. महेश राजौरिया के यहाँ श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद भिण्ड में सबसे पहले समाजसेवी स्वर्गीय भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारी स्व एसबी शर्मा के यहां पहुंचे। इसके बाद पत्रकार रामशंकर शर्मा के एयरफोर्स में पदस्थ पुत्र के निधन पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे। वहीं भाजपा नेता पूर्व मंडी अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नरवरिया, आरएसएस संघचालक रहे स्वर्गीय सुरेश जैन, पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह आदि के यहां पहुंचकर उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की।

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इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा जमकर कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाई गईं। हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया इस दौरान लोगों को कोविड गाइडलाइंस का पालन करने और भीड़ ने जुटाने की सीख देते नजर आए। जब पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के यहां सिंधिया पहुंचे तो नरेंद्र सिंह कुशवाह ने भी कार्यकर्ताओं से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की हिदायत दी, लेकिन जोश में कार्यकर्ता होश नहीं रखते। इस दौरान जब सिंधिया से राजनीतिक उथल पुथल को लेकर सवाल किए गए तो वह सवालों का जवाब देने से बचते नजर आए। उन्होंने केवल इतना कहा कि कोरोना संकट के समय में दिवंगत हुए अपने लोगों के दुख के समय में मैं अपने लोगों के साथ खड़ा हूँ और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंच रहा हूँ। पूरे विश्व में बहुत सारी विसंगति आई है, हमारे बहुत सारे लोग चले गए हैं। लेकिन इसका सामना केंद्र और प्रदेश की सरकार मुस्तैदी से कर रही है और इस पर हमने काबू पाया है।

संघ की रीति नीति से परिचित नहीं हो पाए सिंधिया!

ज्योतिरादित्य सिंधिया को BJP में आए 1 वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन वह अब भी भाजपा के पितृ संगठन RSS की रीत नीति चिर परिचित नहीं हो पाए हैं। आज जब सिंधिया संघ के जिला व्यवस्था प्रमुख देवेंद्र ऋषिस्वर के निवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे तो वहां पर आए संघ के पूर्व जिला कारवाहा और वर्तमान विभाग संपर्क प्रमुख एडवोकेट जगदीश दीक्षित का परिचय डॉ रमेश दुबे ने  सिंधिया से पूर्व जिला कारवाहा के रूप में करवाया तो  सिंधिया ने अपने चिर परिचित अंदाज में उनसे ‘और जगदीश कैसे हो, कह कर संबोधित किया जबकि संघ की यह रीत नीति है किस संघ के पदाधिकारियों को या तो उनके नाम के आगे जी कहकर संबोधित किया जाता है या फिर उन्हें भाई साहब कहा जाता है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा के जिलाध्यक्ष नाथू सिंह गुर्जर, शिवराज सरकार में मंत्री ओपीएस भदौरिया, भिंड-दतिया संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद एवं मुरैना के मेयर अशोक अर्गल, पूर्व विधायक रणवीर जाटव बहाली में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल हुए सिंधिया के विश्वस्त रमेश दुबे, लहार के अशोक चौधरी व पूर्व विधायक शिव शंकर समाधिया के प्रपौत्र आशीष समाधिया प्रिंस दुबे व राहुल भारद्वाज साथ रहे।

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Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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