गरीबों को राशन वितरण की 25 श्रेणियाँ घोषित, इनको मिलेगा लाभ, देखिये सूची

गरीबों को राशन वितरण की 25 श्रेणियाँ घोषित, इनको मिलेगा लाभ, देखिये सूची

भोपाल| शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 32 लाख व्यक्तियों को निशुल्क गेहूं और चावल एक माह के लिए देने का फैसला किया है। राज्य की निर्धारित श्रेणी के 32 लाख परिवारों को कोरोना कोटा में एक माह का राशन 5 किलो प्रति व्यक्ति (04किलो गेंहू, 01 किलो चावल, या 05 किलो गेहूं) निःशुल्क प्रदान किया जायेगा । इन परिवारों को केन्द्र सरकार द्वारा भी 3 माह का निःशुल्क राशन प्रदान किया जाएगा।

राज्य की निर्धारित श्रेणियाँ

1. अन्त्योदय अन्न परिवार।

2. समस्त बी.पी.एल. परिवार।

3. समस्त ऐसे व्यक्ति जो मध्यप्रदेश भ्रमण तथा अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिक हैं एवं उन पर आश्रित परिवार सदस्य।

4. सायकल रिक्शा चालक कल्याण योजना एवं हाथ ठेला चालक कल्याण योजना में पंजीकृत व्यक्ति एवं उनपर आश्रित परिवार सदस्य।

5. सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पंजीकृत हितग्राही एवं उनपर आश्रित परिवार सदस्य।

6. अनाथ आश्रम, निराश्रित विकलांग, छात्रावासों में निवासरत बच्चे तथा निःशुल्क संचालित वृद्ध आश्रमों में निवासरत वृद्धजन।

7. ग्रामीण क्षेत्र के समस्त ऐसे व्यक्ति जो मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना अंतर्गत भूमिहीन, खेतिहर मजदूर के रूप में पंजीकृत हैं एवं उन पर आश्रित परिवार सदस्य ।

8. घरेलू कामकाजी महिलाए।ं

9. फेरी वाले (स्ट्रीट वेंडर)।

10. वनअधिकार पट्टेधारी।

11. रेल्वे में पंजीकृत कुली।

12. मण्डियों में अनुज्ञप्ति धारी हम्माल एवं तुलावटी।

13. बन्द पडी मिलों में पूर्व नियोजित श्रमिक।

14. बीडी श्रमिक कल्याण निधि अधिनियम 1972 अंतर्गत परिचय पत्र धारी बीडी श्रमिक ।

15, समस्त भूमिहीन कोटवार।

16. कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग अंतर्गत विभाग अंतर्गत पंजीकृत बुनकर एवं शिल्पी ।

17. केश शिल्पी।

18. पंजीकृत बहुविकलांग एवं मन्दबुद्धि व्यक्ति ।

19. एचआईव्ही (एड्स) संक्रमित व्यक्ति (जो स्वेच्छा से इस योजना का लाभ लेना चाहते हों)।

20. मध्यप्रदेश में निवासरत् समस्त अनुसूचित जाति के परिवार, बशर्ते कि वे प्रथम, द्वितीय अथवा तृतीय श्रेणी का अधिकारी/कर्मचारी एवं आयकर दाता न हो ।

21. मध्यप्रदेश में निवासरत् समस्त अनुसूचित जनजाति के परिवार, बशर्ते कि वे प्रथम, द्वितीय अथवा तृतीय श्रेणी का अधिकारी/कर्मचारी एवं आयकर दाता न हो ।

22. प्रदेश में मत्स्य पालन करने वाले (मछुआ) सहकारी समितियों के अंतर्गत पंजीकृत सदस्य एवं उनके परिवार।

23. प्राकृतिक आपदा से प्रभावित ऐसे परिवार, जिनकी फसलों की प्राकृतिक आपदा से क्षति 50 प्रतिशत या उससे अधिक हो।

24. प्रदेश के पंजीकृत व्यावसायिक वाहन चालक/परिचालक।

25. विमुक्त घुमक्कड एवं अर्द्ध घुमक्कड जाति के परिवार।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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