भोपाल में जल्द दौड़ेंगी 25 अत्याधुनिक एसी ई-बसें, पहली खेप पहुंची, महापौर मालती राय ने किया निरीक्षण

भोपाल में जल्द ही 25 नई ई-बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। मेयर मालती राय ने चार्जिंग डिपो का निरीक्षण कर बसों की खूबियों को परखा और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Bhopal News

राजधानी भोपाल के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शहर में जल्द ही 25 अत्याधुनिक ई-बसें सड़कों पर फर्राटा भरती नजर आएंगी, जिनकी पहली खेप पहुंच चुकी है। इन बसों के संचालन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बीते शुक्रवार को महापौर मालती राय, एमआईसी सदस्य मनोज राठौर और वरिष्ठ अधिकारियों का दल संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) स्थित चार्जिंग डिपो पहुंचा। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल बसों का बारीकी से निरीक्षण किया, बल्कि उनमें बैठकर शहर की सड़कों पर सफर का अनुभव भी लिया, जिससे यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त अंजू कुमार भी उपस्थित थीं। महापौर राय ने ई-बसों के आंतरिक और बाह्य स्वरूप का गहन अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से यात्री क्षमता, बसों के संचालन की प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्हें बताया गया कि ये बसें प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत शहर में लोक परिवहन को सुदृढ़ करने और नागरिकों को स्वच्छ व आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से लाई गई हैं। यह परियोजना भोपाल को एक स्मार्ट और ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

नई ई-बसों में मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं

ये सभी 25 सीटर बसें पूर्णतः वातानुकूलित हैं, जो भोपाल की गर्मी में यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव प्रदान करेंगी। इन बसों में ऑटोमेटिक गेट्स लगे हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चढ़ने-उतरने की प्रक्रिया सुगम बनती है। इसके साथ ही, दिव्यांगजनों के लिए बस में चढ़ने और उतरने हेतु विशेष हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की व्यवस्था की गई है, जो समावेशी परिवहन की दिशा में एक सराहनीय पहल है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, प्रत्येक बस में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना पर पैनी नजर रखी जा सके और यात्रियों को सुरक्षित महसूस कराया जा सके।

महापौर ने चार्जिंग डिपो का किया निरीक्षण

महापौर राय ने ई-बस चार्जिंग डिपो के कार्यों की भी विस्तृत जानकारी ली और उस पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पीएम ई-बस सेवा के तहत भोपाल शहर में इन बसों का संचालन इस प्रकार से किया जाए, जिससे यात्रियों को आवागमन की सर्वोत्तम और सुविधाजनक सुविधाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने बसों और डिपो के बेहतर रखरखाव पर विशेष जोर दिया, ताकि इनकी कार्यक्षमता और आयु सुनिश्चित की जा सके। महापौर ने कहा कि ये ई-बसें न केवल पर्यावरण के लिए अनुकूल हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस होने के कारण शहर के सार्वजनिक परिवहन को एक नई दिशा देंगी और शहरी जीवन को और अधिक सुविधाजनक बनाएंगी।

किराया, संचालन का शेड्यूल और रूट्स को लेकर चर्चा जारी

वर्तमान में इन बसों का किराया, संचालन का शेड्यूल और इनके रूट्स तय किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक चरण में इन ई-बसों का संचालन शहर के दो प्रमुख रूट्स पर किया जाएगा, जिसके बाद धीरे-धीरे इनकी संख्या और रूट्स का विस्तार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक शहरवासियों को इस आधुनिक परिवहन सेवा का लाभ मिल सके। इन नई ई-बसों के आने से भोपाल के शहरी परिवहन में एक क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है, जिससे शहरवासियों को प्रदूषण मुक्त और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। यह परियोजना राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी और आने वाले समय में भोपाल के परिवहन तंत्र को पूरी तरह से बदल देगी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews