चम्बल एक्सप्रेस-वे के लिए 781 करोड़ स्वीकृत, CM बोले-‘यह सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट’

चम्बल एक्सप्रेस-वे के लिए 781 करोड़ स्वीकृत, CM बोले-‘यह सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट’

भोपाल| उपचुनाव से पहले ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र को बड़ी सौगात मिलने जा रही है| चम्बल एक्सप्रेस-वे (Chambal Express Way) के लिए राज्य सरकार द्वारा 781 करोड़ स्वीकृत किये गए हैं| 8,250 करोड़ की लागत से बनने वाला 404 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा| कोटा राजस्थान को भिंड मध्य प्रदेश से जोड़ने वाले चंबल एक्सप्रेस-वे पर केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चर्चा की| इस बैठक में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों शामिल रहे|

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने कहा कि चंबल एक्सप्रेस-वे के बनने से प्रदेश के बीहड़ एवं पिछड़े क्षेत्र को औद्योगिक कोरीडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे इस प्रोजेक्ट को ‘चम्बल एक्सप्रेस-वे’ नहीं ‘चम्बल प्रोग्रेस-वे’ (Chambal Progress Way) के रूप में देखते हैं| सीएम ने कहा कि यह सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसमें भारतमाला के अंतर्गत मात्र 50 प्रतिशत भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है। मध्यप्रदेश सरकार इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 421 करोड़ की 100 प्रतिशत भूमि नि:शुल्क उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा प्रदेश सरकार आर्थिक सहयोग के रूप में मिट्टी एवं मुरम 330 करोड़ की रायल्टी के रूप में प्रदान करेगा और वन भूमि की अनुमतियों पर होने वाले व्यय के रूप में 30 करोड़ का व्यय भी स्वयं वहन करेगा। इस प्रकार राज्य शासन 781 करोड़ का सहयोग प्रदान करेगा।

औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित होगा चम्बल
मुख्यमंत्री शिवराज ने बताया कि ‘एक्सप्रेस वे’ प्रदेश में 309 किलोमीटर लंबा होगा। यह श्योपुर, मुरैना एवं भिण्ड से होते हुए राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश की सीमाओं को जोड़ेगा। यह मार्ग भिण्ड में गोल्डन क्वाट्रिलेट्रल (आगरा-कानपुर) मार्ग, मुरैना में नार्थ-साउथ कॉरीडोर एवं राजस्थान में दिल्ली मुम्बई कॉरीडोर से जोड़ा जायेगा। आवागमन का मार्ग सहज एवं सुविधाजनक होने से क्षेत्र को औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। राज्य शासन द्वारा आर्थिक/औद्योगिक विकास के लिए रक्षा उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, भारी उद्योग, वेयर हाउसिंग, लॉजिस्टिक एवं ट्रांसपोर्ट उद्योग के रूप में विकसित किया जाएगा।

तोमर बोले – पिछड़े क्षेत्र के विकास में मिलेगी मदद
केन्द्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत मुख्ममंत्री श्री चौहान ने वर्ष 2017 में भी की थी। एक्सप्रेस-वे के बनने से इस पिछड़े क्षेत्र के विकास में बहुत मदद मिलेगी।

सिंधिया ने दिया यह सुझाव
वीडियो कान्फ्रेंस में राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चम्बल एक्सप्रेस-वे को भिण्ड-कोटा रेल्वे लाइन के साथ-साथ बनाने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि चम्बल एक्सप्रेस-वे के लिए हमारे पास 52 प्रतिशत सरकारी जमीन उपलब्ध है। इस प्रोजेक्ट के लिए शेष 48 प्रतिशत भूमि अदला-बदली मॉडल के तहत उपलब्ध करायी जायेगी। एलाइनमेंट होते ही यह जमीन निर्माण कार्य के लिए सौंप दी जायेगी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews