टीआई को गाली देने वाले को BJP ने बनाया जिला अध्यक्ष, पूर्व मंत्री ने साधा निशाना

टीआई को गाली देने वाले को BJP ने बनाया जिला अध्यक्ष, पूर्व मंत्री ने साधा निशाना

भोपाल| भारतीय जनता पार्टी (BJP)ने शनिवार को 24 जिलों में नए जिला अध्यक्षों की सूची जारी की है| इस सूची में एक ऐसा नाम है जो हाल ही में टीआई से विवाद के चलते सुर्ख़ियों में है| कांग्रेस (Congress) ने इसको लेकर भाजपा पर निशाना साधा है| पूर्व मंत्री व कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने हमला बोलते हुए कहा क्या भाजपा में अब असंस्कारी, असभ्य और अपराधी होना ही योग्यता हैं..?

दरअसल, ग्वालियर (Gwalior) में भाजपा नेता माखीजानी और माधौगंज थाने के टीआई प्रशांत यादव के बीच हुए विवाद का ऑडियो वायरल हुआ था| मामला एक वृद्धा की मौत से जुड़ा हुआ था। भाजपा जिला महामंत्री ने वृद्धा के परिजनों और समाज के निवेदन पर टी आई प्रशांत यादव से फोन पर शव का पोस्ट मार्टम नहीं कराने का निवेदन किया और इसी दौरान दोनों के बीच हॉट टॉक हो गई और भाजपा नेता के मुँह से गाली निकल गई | जिसके बाद टी आई ने भी उन्हें धमकी देते हुए कहा कि जहाँ हो वहीं आकर बताऊंगा, कोई भी बने रहो। हालाँकि भाजपा नेता ने थाने पहुंचकर माफ़ी मांगी और टी आई को माला पहनाई| यह मामला अभी थमा भी नहीं था कि भाजपा ने माखीजानी को ग्वालियर नगर का अध्यक्ष नियुक्त किया है| इसको लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है|

पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने ट्वीट कर लिखा- ‘कल ग्वालियर के जिस भाजपा नेता ने टीआई को गाली बकी-भाजपा ने आज उसे ज़िला अध्यक्ष बना दिया। शिवराज जी, क्या आपकी पार्टी में अब असंस्कारी, असभ्य और अपराधी होना ही योग्यता हैं’|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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