भाजपा सांसद के भाई की कांग्रेस के पूर्व मंत्री से मुलाकात, गरमाई सियासत

भाजपा सांसद के भाई की कांग्रेस के पूर्व मंत्री से मुलाकात, गरमाई सियासत

अशोकनगर| हितेंद्र बुधोलिया| ढाई वर्ष पहले मुंगावली उपचुनाव के समय जिले की राजनीति में ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को मात देने के लिए बीजेपी (BJP) ने जो जोड़-तोड़ की राजनीति की थी अब वही उनके साथ कॉन्ग्रेस के द्वारा की जाने लगी है। सोमवार को कांग्रेस पार्टी (Congress) के नेता एवं पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव (Sachin Yadav) ने भाजपा सांसद डॉक्टर के पी यादव (KP Yadav) के छोटे भाई अजय पाल सिंह यादव से उनके शहतरी गांव के निवास पर भेंट की है। इसके बाद बीते कुछ दिनों से अजय पाल की कांग्रेस नेताओं से संपर्क करने की चर्चाओं को और बल मिल गया है। साथ ही इस मुलाकात को फिर से सिंधिया के इर्द-गिर्द होने वाली राजनीति से जोड़ कर देखा जा रहा है। इस मुलाकात से सियासी गलियारों में चर्चा गर्म हो गई है| केपी यादव का पूरा रुसल्ला परिवार राजनैतिक रूप से सक्रिय है । अजय पाल ग्राम पंचायत में उप सरपंच है।

उल्लेखनीय है कि करीब ढाई साल पहले मुंगावली उपचुनाव के दौरान तत्कालीन सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से नाराज होकर डॉक्टर के पी यादव ने बगावत कर दी थी, और भाजपा के पाले में चले गए थे। मुंगावली उपचुनाव में बीजेपी ने उन्हें सिंधिया के खिलाफ इस्तेमाल किया था । बाद में 2019 के लोकसभा चुनाव में डॉक्टर के पी यादव को सिंधिया के खिलाफ चुनाव में टिकट दिया जिसमें डॉक्टर के पी यादव जीत गए थे ।

सिंधिया को घेरने कांग्रेस का दांव
यह राजनीतिक परिदृश्य 1 साल बाद फिर से सिंधिया के सामने आकर खड़ा हो गया है। इस बार सिंधिया को घेरने के लिए कांग्रेस ने डॉ के पी यादव के छोटे भाई अजय पाल पर हाथ रख दिया है। कुछ दिन पहले भोपाल में अजय पाल की पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की खबरें आई थी । आज जब सचिन यादव यहां आए तो उनके साथ अजयपाल के साथ उनकी इस मुलाकात ने जिले की राजनीति में जोरो से चर्चा पैदा दी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मुंगावली उपचुनाव को लेकर कांग्रेस अजय पाल यादव का वैसे ही उपयोग कर सकती है जैसे ढाई साल पहले बीजेपी ने डॉक्टर के पी यादव का किया था।

क्या बोले अजय पाल यादव
इस मुद्दे पर अजय पाल यादव का कहना है कि विचारधारा के तौर पर उनका परिवार बहुत पहले से ही कांग्रेस से जुड़ा रहा है।उनके भाई ने भाजपा ज्वाइन की थी। उन्होंने कभी नही की, चुनाव में भाई ने भाजपा से चुनाव लड़ा था तो व्यक्तिगत रूप से उन्होंने पारिवारिक दायित्व के रूप में काम किया था। साथ ही सचिन यादव उनके साथ कॉलेज में पढ़ाई के दौरान साथ रहे है, इसलिए यह मुलाकात पुराने संबंधों के आधार पर रही है। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पूर्व में कमलनाथ से उनकी मुलाकात हुई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया से अजय पाल खासे नाराज है। चुनाव के पहले उनके ऊपर दर्ज हुये प्रकरण एवं हाल ही में उनके परिवार के संपत्ति के विवाद में वह सिंधिया के हस्तक्षेप से उनके विरोध में है।

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