मंत्रिमंडल विस्तार राज्यसभा चुनाव बाद होने के आसार, रिस्क नहीं लेना चाहती भाजपा

मंत्रिमंडल विस्तार राज्यसभा चुनाव बाद होने के आसार, रिस्क नहीं लेना चाहती भाजपा

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में लम्बे समय से चल रही मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) की अटकलों पर एक बार फिर विराम लगता नजर आ रहा है| 19 जून को मप्र में राज्यसभा (Rajya sabha) की तीन सीटों के लिए मतदान होना है। बताया जा रहा है कि भाजपा (BJP) हाईकमान राज्यसभा चुनाव से पहले किसी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है| ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख आगे खिसक सकती है|

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं जल्द ही कैबिनेट विस्तार के संकेत दे चुके हैं| इसको लेकर कई दौर की बैठकें हो चुकी है| वरिष्ठ नेता सबको एडजस्ट करने की कवायद में जुटे हुए हैं| इस बीच ऐसा माना जा रहा था कि 2 या 3 जून को मंत्रिमंडल विस्तार पर मुहर लग जायेगी| लेकिन अब राज्यसभा चुनाव को लेकर मामला अटक सकता है| पार्टी को डर है कि मंत्रिमंडल विस्तार से असंतोष बढ़ेगा और असंतुष्ट माहौल खराब कर सकते हैं। प्रदेश की रिक्त हुई तीन सीटों पर 19 जुलाई को मतदान होना है। एक-एक सीट तो भाजपा और कांग्रेस के लिए पक्की है। तीसरी सीट के लिए भाजपा और कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है।

गौरतलब है कि 23 मार्च को शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट गठन के दौरान पांच मंत्रियों को शपथ दिलाई थी। मंत्रिमंडल में भाजपा कोटे से तीन और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर आए पूर्व विधायकों में से दो को शपथ दिलाई गई थी। मंत्रिमंडल में जगह पाने सिंधिया समर्थक और भाजपा के दिग्गज नेताओं का वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का दौर जारी है| दावेदारों की संख्या अधिक होने और सिंधिया से कमिटमेंट के कारण कैबिनेट विस्तार पर फैसला मुश्किल होता जा रहा है|

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