शिवराज कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला, गांव के लोगों को मिलेगा यह लाभ

शिवराज कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला, गांव के लोगों को मिलेगा यह लाभ

भोपाल| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक (Cabinet Meeting) में कई बड़े फैसले लिए गए| ग्रामीण क्षेत्रों के रहवासियों को लेकर कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है| अब गांव में रहने वाले लोग, जिनके पास अपने मकान की रजिस्ट्री का लेखा-जोखा नहीं है, वह उसके स्वामी बनाए जाएंगे|

प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक हम देखते थे कि गांवों में जो मकान बने हुए हैं उसमें लोग सदियों से रह रहे हैं लेकिन उनके पास न तो रजिस्ट्री है न लेखा-जोखा है। कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया गया है कि अब किसान जहां रहता है उसे गांव के मकान का स्वामी बना दिया जाएगा|

बैंक से लोन भी ले सकेंगे
गृहमंत्री ने बताया कि यह बहुत ही बड़ी योजना है| अब गांव का हर किसान घर का मालिक बनेगा| इसके लिए सर्वे शुरू हो गया है| ड्रोन से सर्वे किया जा रहा है| संपत्ति के मालिक बनने पर वह बैंक आदि से ऋण भी ले सकेंगे|

कोरोना योद्धा कल्याण योजना
इसके अलावा गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि कोरोना योद्धा कल्याण योजना के तहत प्रदेश में कोरोना की रोकथाम में लगे अधिकारी-कर्मचारी के निधन पर 50 लाख रुपये की सहायता दिए जाने का प्रावधान किया गया। अब तक 20 लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा चुकी है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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